
एजेंसी,औरंगाबाद। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोला है। आयोग द्वारा उनसे शपथ पत्र की मांग को लेकर उन्होंने कहा कि वह किसी भी तरह की धमकी से डरने वाले नहीं हैं।
राहुल ने आरोप लगाया कि 2023 में लाया गया चुनाव आयुक्त सुरक्षा कानून भाजपा नेताओं की मदद करने के लिए था, ताकि चुनाव आयुक्तों के खिलाफ किसी भी अदालत में मुकदमा न चल सके। उन्होंने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की सहमति से इसलिए उठाया गया, ताकि चुनाव आयुक्तों को बचाया जा सके।
सीसीटीवी और वोटर लिस्ट विवाद
राहुल गांधी ने सीसीटीवी फुटेज देने से आयोग के इनकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सीसीटीवी का कानून बनाया गया था, तो फिर सरकार ने उसे बदला क्यों? उन्होंने यह भी कहा कि वोटर लिस्ट से लाखों नाम काटना गरीबों के वोट अधिकार छीनने की साजिश है।
जनता के साथ संघर्ष का ऐलान
औरंगाबाद में वोटर अधिकार यात्रा के पहले दिन राहुल गांधी और तेजस्वी यादव दोनों ने मिलकर कहा कि वे जनता को साथ लेकर इस लड़ाई को जारी रखेंगे। राहुल ने दोहराया कि “न मैं डरता हूं, न तेजस्वी यादव। हम वोट चोरी की सच्चाई पूरे देश के सामने रखेंगे।”
राहुल गांधी ने दावा किया कि कुछ उद्योगपतियों की मदद के लिए वोटर लिस्ट से नाम काटे जा रहे हैं। गरीबों से संसाधन पहले ही छीने जा चुके हैं और अब उनसे आखिरी अधिकार वोट भी छीना जा रहा है।