Republic Day 2023: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 74वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया। ये इस अवसर पर उनका पहला भाषण है। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई के साथ की। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि संविधान के लागू होने से लेकर आज तक हमारी यात्रा अद्भुत रही है। इससे अन्य देशों को प्रेरणा मिली है। हर नागरिक को भारत की गौरव गाथा पर गर्व का अनुभव होता है।

आत्मविश्वास से भरे राष्ट्र का स्थान ले चुका भारत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत गरीब और निरक्षर राष्ट्र की स्थिति से आगे बढ़ते हुए विश्व मंच पर आत्मविश्वास से भरे राष्ट्र का स्थान ले चुका है। उन्होंने कहा, ''संविधान निर्माताओं की सामूहिक बुद्धिमत्ता से मिले मार्गदर्शन के बिना यह प्रगति संभव नहीं थी।''

सारे पंथों और भाषाओं ने हमें जोड़ा

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि हम सब एक ही हैं और भारतीय है। इतने सारे पंथों और भाषाओं ने हमें अलग नहीं किया बल्कि हमें जोड़ा है। हम एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में सफल हुए। यह देश का सार तत्व है।

भारत दुनिया की 5वीं अर्थव्यवस्था

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। सक्षम नेतृत्व और संघर्षशीलता के बल पर हम मंदी से बाहर आ गए। फिर से अपनी विकास यात्रा को शुरू किया। महिला और पुरुष के बीच समानता अब केवल नारे नहीं रह गए। महिलाएं आने वाले कल के भारत को स्वरूप देने के लिए अधिकतम योगदान देंगी।

जी20 का भी किया जिक्र

राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने भाषण में जी20 का भी जिक्र किया। कहा कि G20 की अध्यक्षता बेहतर विश्व के निर्माण में योगदान हेतु देश को महत्वपूर्ण भूमिका प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा, मैं किसानों, मजदूरों, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की भूमिकाओं की सराहना करती हूं। जिनकी सामूहिक शक्ति हमारे देश को जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान की भावना के अनुरूप बढ़ने में सक्षम बनाती है।

Posted By: Kushagra Valuskar

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