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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार का बेटा बना विश्व बैंक का वरिष्ठ निदेशक

2005 में विश्व बैंक से जुड़े थे सहरसा के सरोज कुमार झा।

By Edited By:
Publish Date: Sun, 07 Feb 2016 08:34:12 PM (IST)Updated Date: Mon, 08 Feb 2016 04:00:17 AM (IST)
बिहार का बेटा बना विश्व बैंक का वरिष्ठ निदेशक

अमरेंद्र कांत, सहरसा। शहर की मिट्टी ने अपनी प्रतिभा का लोहा दुनिया भर में मनवाया है। सहरसा जिले के लाल सरोज कुमार झा ने विश्व बैंक का वरिष्ठ निदेशक बनकर पूरे देश का नाम रोशन किया है। जिले के बनगांव के रहने वाले सेवानिवृत्त बीडीओ मदन मोहन झा व कुंता देवी के पुत्र सरोज कुमार झा 1990 बैच के आईएएस अधिकारी रह चुके हैं।

उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। वह आईएएस अधिकारी बनने के बाद ओडिशा कैडर में विभिन्न पदों पर रहे। उन्होंने भारत सरकार के गृह मंत्रालय में आपदा विशेषज्ञ के पद को भी सुशोभित किया।

अब एक फरवरी को विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम यंग किग ने उन्हें कमजोरी, टकराव व हिंसा की चुनौती से निपटने के लिए अग्रणी नेतृत्व की भूमिका निभाने का काम सौंपा है। 31 जनवरी तक सरोज विश्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक मध्य एशिया के रूप में कजाकिस्तान में पदस्थापित थे।


सरोज ने विश्व बैंक में अपने करियर की शुरुआत 2005 में की थी। उस समय वह वरिष्ठ ढांचागत विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किए गए थे। इससे पूर्व वह संयुक्त राष्ट्र के डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए सीनियर एग्जीक्यूटिव के रूप में काम कर चुके थे।

सरोज की इस उपलब्धि पर मुहल्ले और गांव में जबरदस्त उत्साह है। उनके पड़ोसी राजीव कुमार सिंह व त्रिवेणी कुमार सिंह ने बताया कि सरोज काफी मृदुभाषी और मिलनसार हैं। वह यहां के लोगों से मैथिली में ही संवाद करते हैं। उनके पिता सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं।