स्कूल ऑफ एमिनेंस से बदली पंजाब की शिक्षा तस्वीर - 23 जिलों में 118 स्कूल, निजी स्कूलों को दे रहे चुनौती
स्कूल ऑफ एमिनेंस को 21वीं सदी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों में रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और व्यावहारिक ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 10 Jan 2026 04:44:37 PM (IST)Updated Date: Sat, 10 Jan 2026 04:47:19 PM (IST)
पंजाब सरकार की स्कूल ऑफ एमीनेन्स योजना।पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू किए गए ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ राज्य की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को नई पहचान दिला रहे हैं। सरकार ने अपने वादे के अनुसार पंजाब के 23 जिलों में कुल 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए हैं, जो आज सुविधाओं और शैक्षणिक गुणवत्ता के मामले में कई निजी स्कूलों से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
इन स्कूलों की सबसे अहम विशेषता है समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा। यहां एक ही कक्षा में जज, उपायुक्त और रिक्शा चालक के बच्चे एक साथ पढ़ाई कर रहे हैं। यह व्यवस्था न केवल शिक्षा में समान अवसर प्रदान कर रही है, बल्कि सामाजिक समरसता और आपसी समझ को भी बढ़ावा दे रही है। आधुनिक कक्षाएं, समृद्ध पुस्तकालय, अत्याधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं और स्वच्छ परिसर इन स्कूलों को आदर्श शिक्षण संस्थान बनाते हैं।
स्कूल ऑफ एमिनेंस को 21वीं सदी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों में रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और व्यावहारिक ज्ञान विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए मुफ्त बस सेवा शुरू की गई है, जिससे शिक्षा तक पहुंच और आसान हो गई है।
इन प्रयासों के परिणाम भी सामने आने लगे हैं। सरकारी स्कूलों के 848 छात्रों ने नीट, 265 ने जेईई मेन्स और 45 ने जेईई एडवांस्ड जैसी कठिन परीक्षाएं सफलतापूर्वक पास की हैं। राष्ट्रीय मूल्यांकन सर्वेक्षण में पंजाब ने पहली बार केरल को पीछे छोड़ते हुए देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि पंजाब की शिक्षा नीति की सफलता को दर्शाती है।