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सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026: 'गजनी से औरंगजेब तक हो गए दफन लेकिन सोमनाथ वहीं खड़ा'- प्रधानमंत्री मोदी

Somnath Swabhiman Parv 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात दौरे पर सोमनाथ पहुंचे, जहां उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में भाग लिया। इस अवसर पर पीएम...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Sun, 11 Jan 2026 02:20:40 PM (IST)Updated Date: Sun, 11 Jan 2026 02:20:40 PM (IST)
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026: 'गजनी से औरंगजेब तक हो गए दफन लेकिन सोमनाथ वहीं खड़ा'- प्रधानमंत्री मोदी
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में पीएम मोदी की सहभागिता

HighLights

  1. पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में दुग्धाभिषेक किया
  2. 108 घोड़ों के साथ भव्य शौर्य यात्रा निकाली गई
  3. सोमनाथ में विकास और विरासत का संदेश

डिजिटल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी, रविवार को गुजरात के सोमनाथ पहुंचे, जहां उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व (Somnath Swabhiman Parv 2026) में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने सोमनाथ मंदिर (Somnath Temple) में भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की और दुग्धाभिषेक किया। मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए धार्मिक अनुष्ठानों के बाद प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं और नागरिकों को संबोधित किया।

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शौर्य यात्रा में प्रधानमंत्री की भागीदारी

सोमनाथ मंदिर में पूजा से पहले मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु शौर्य यात्रा का आयोजन किया गया। इस भव्य यात्रा में 108 घोड़ों के साथ विशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं शामिल हुए। यह यात्रा सोमनाथ की ऐतिहासिक वीरता और बलिदान की स्मृति का प्रतीक रही।


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‘हर हर महादेव, जय सोमनाथ’ के उद्घोष के साथ संबोधन समाप्त

पूजा-अर्चना के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “सोमनाथ में विकास भी है और विरासत भी।” उन्होंने अपने भाषण का समापन “हर हर महादेव, जय सोमनाथ” के उद्घोष के साथ किया।

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'इतिहास, आक्रमण और सोमनाथ की अडिग पहचान'

प्रधानमंत्री ने कहा, “गजनी से औरंगजेब तक अतीत में हो गए दफन, सोमनाथ वहीं खड़ा है।” उन्होंने उल्लेख किया कि सोमनाथ के पवित्र विग्रह को तोड़ा गया और इसके क्रूर इतिहास को छिपाने के प्रयास किए गए। उन्होंने कहा कि धार्मिक उन्माद को साधारण लूट बताकर प्रस्तुत किया गया, जिससे सच्चाई को दबाया गया।

#WATCH | Somnath, Gujarat | PM Narendra Modi says, "हमारी सभ्यता का सन्देश, कभी किसी को पराजित करने का नहीं रहा बल्कि जीवन को संतुलन में रखने का रहा है। हमारे यहाँ आस्था की राह हमें घृणा की तरफ नहीं लेजाती। हमारे यहाँ शक्ति हमें विनाश करने का अहंकार नहीं देती... तलवार की नोक पर… pic.twitter.com/9GPWtcE5AX

— ANI (@ANI) January 11, 2026

'हम लोग जीव में भी शिव को देखते हैं'

पीएम मोदी ने कहा, “हम वे लोग हैं, जो जीव में भी शिव को देखते हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की सभ्यता का संदेश किसी को पराजित करने का नहीं, बल्कि जीवन को संतुलन में रखने का रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में आस्था घृणा नहीं सिखाती और शक्ति विनाश का अहंकार नहीं देती।

#WATCH | Somnath, Gujarat | PM Narendra Modi says, "... Unfortunately, after independence, people with a colonial mindset tried to get rid of our glorious past. They tried all they could to erase history... Those who fought for the Somnath Temple were not given their due… pic.twitter.com/xNrJFCnRQ6

— ANI (@ANI) January 11, 2026

पुनर्निर्माण, आजादी के बाद की चुनौतियां और भविष्य का संकल्प

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का संकल्प लिया, तो उन्हें रोका गया। वर्ष 1951 में तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की सोमनाथ यात्रा पर भी आपत्तियां उठाई गईं। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से आज भी ऐसी ताकतें सक्रिय हैं जो सोमनाथ के पुनर्निर्माण का विरोध करती हैं। उन्होंने आह्वान किया कि देश को एकजुट रहकर हर विभाजनकारी शक्ति का सामना करना होगा और पिछले 1000 वर्षों की यात्रा से प्रेरणा लेकर अगले 1000 वर्षों के लिए तैयार रहना होगा।