• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • देश

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Supreme Court का बड़ा फैसला: नौकरी में बने रहने के लिए टीचरों को TET जरूरी, पुराने शिक्षकों को दो साल की मोहलत

Supreme Court On Teachers: सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि अब नौकरी में बने रहने और पदोन्नति पाने के लिए टीचर्स एलिजि...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Tue, 02 Sep 2025 01:37:05 PM (IST)Updated Date: Tue, 02 Sep 2025 01:39:54 PM (IST)
Supreme Court का बड़ा फैसला: नौकरी में बने रहने के लिए टीचरों को TET जरूरी, पुराने शिक्षकों को दो साल की मोहलत
टीचिंग सर्विस में बने रहने और प्रमोशन के लिए सुप्रीम कोर्ट ने TET परीक्षा को किया जरूरी

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट का TET पर आदेश
  2. शिक्षकों के लिए टीईटी जरूरी की
  3. पुराने शिक्षकों को 2 साल का समय

एजेंसी, दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को शिक्षा जगत से जुड़े हजारों शिक्षकों पर असर डालने वाला बड़ा आदेश सुनाया है। SC ने स्पष्ट कर दिया है कि अब नौकरी और पदोन्नति चाहने वाले सभी शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET Exam) पास करना अनिवार्य होगा। यह आदेश पूरे देश के सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों पर लागू होगा, लेकिन अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त स्कूलों को इसमें छूट दी गई है।

...वरना इस्तीफा दें या फिर लें कंपल्सरी रिटायरमेंट

जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने कहा कि जिन शिक्षकों की नौकरी में पांच साल से ज्यादा का समय शेष है, उन्हें हर हाल में TET पास करना होगा। अगर ऐसा नहीं किया गया तो उन्हें या तो इस्तीफा देना होगा या फिर कंपल्सरी रिटायरमेंट लेनी पड़ेगी। वहीं, जिनकी सेवा अवधि पांच साल से कम है, उन्हें अपने पद पर बने रहने के लिए टीईटी देना अनिवार्य नहीं होगा, लेकिन अगर वे पदोन्नति चाहते हैं तो परीक्षा पास करनी होगी।


कोर्ट ने 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए दो साल की मोहलत दी है। उन्हें इस अवधि में TET पास करना होगा, अन्यथा उन्हें केवल सेवांत लाभ मिलेगा और नौकरी समाप्त हो जाएगी।

इनको मिली राहत

अल्पसंख्यक संस्थानों को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल यह आदेश उन पर लागू नहीं होगा, क्योंकि शिक्षा का अधिकार अधिनियम अल्पसंख्यक स्कूलों पर लागू होता है या नहीं, इस पर बड़ी पीठ में सुनवाई लंबित है।

TET क्या है?

TET (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा 2010 में अनिवार्य किया गया था। यह परीक्षा तय करती है कि कोई उम्मीदवार कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने के योग्य है या नहीं। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश से हजारों शिक्षक प्रभावित होंगे, खासकर वे जिन्हें प्रमोशन की उम्मीद थी।

बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, बड़ी संख्या में 2010 से पहले नियुक्त शिक्षक इससे प्रभावित होंगे। हालांकि, विभाग के पास फिलहाल उन शिक्षकों की सटीक सूची नहीं है जो टीईटी पास कर चुके हैं या जिनकी सेवा अवधि पांच साल से अधिक शेष है।

यह भी पढ़ें- Women Employment Scheme: हर महिला को मिलेंगे 10 हजार रुपये! करना होगा ये काम, जानिए सरकारी योजना के नियम