
डिजिटल डेस्क। केंद्र सरकार ने एलपीजी गैस सिलेंडरों की बुकिंग के लिए निर्धारित समय सीमा में संशोधन किया है। अब उपभोक्ता अपने गैस सिलेंडर की बुकिंग 21 दिन के बजाय 25 दिन के अंतराल पर कर सकेंगे। सरकार का यह कदम मुख्य रूप से बाजार में होने वाली जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है।
सरकार ने उपभोक्ताओं की जरूरतों को देखते हुए रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही तेल कंपनियों को स्पष्ट आदेश दिया गया है कि वे कॉमर्शियल कनेक्शन के स्थान पर घरेलू एलपीजी (Domestic LPG) की आपूर्ति को प्राथमिकता दें। सूत्रों के अनुसार, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता घरेलू ग्राहक ही हैं।
एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत ने नए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों की खोज शुरू कर दी है। इस दिशा में अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और नॉर्वे जैसे देशों ने भारत से संपर्क किया है। इसके अतिरिक्त, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संभावित बाधाओं को देखते हुए सरकार ने दूसरे रूट से भी कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की सोर्सिंग बढ़ा दी है।
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। सरकार का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 130 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार नहीं करती, तब तक घरेलू बाजार में दाम नहीं बढ़ाए जाएंगे। भारत के पास वर्तमान में कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जो कीमतों को स्थिर रखने में सहायक होगा।