ED रेड पर TMC का जवाब, अमित शाह के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन, महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ ब्रायन हिरासत में
BJP vs TMC: पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीति बनाने वाली संस्था I-PAC और उसके मालिक प्रतीक जैन के ठिकानों पर ED की छापेमारी ने दिल्ली से ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 09 Jan 2026 03:14:59 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Jan 2026 03:14:59 PM (IST)
अमित शाह के दफ्तर के बाहर TMC का प्रदर्शनHighLights
- गृह मंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर TMC का प्रदर्शन
- महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ ब्रायन हिरासत में लिए गए
- ममता बनर्जी ने अमित शाह पर सीधा निशाना साधा
डिजिटल डेस्क। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीति बनाने वाली संस्था I-PAC और उसके मालिक प्रतीक जैन के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी ने दिल्ली से कोलकाता तक सियासी भूचाल ला दिया है। शुक्रवार को इस कार्रवाई के विरोध में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
डेरेक ओ ब्रायन, महुआ मोइत्रा, शताब्दी रॉय और कीर्ति आजाद सहित कई दिग्गज टीएमसी नेता गृह मंत्रालय के बाहर नारेबाजी करने पहुंचे। दिल्ली पुलिस ने इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ ब्रायन सहित अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस दौरान महुआ मोइत्रा ने तीखा हमला करते हुए कहा कि ''देश देख रहा है कि दिल्ली पुलिस एक चुने हुए सांसद के साथ कैसा व्यवहार कर रही है, हम भाजपा को हराएंगे।"
ममता बनर्जी ने अमित शाह को दिया चैलेंज
कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अमित शाह पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी के जरिए उनकी पार्टी की चुनावी रणनीति, हार्ड डिस्क और उम्मीदवारों की लिस्ट चुराई जा रही है। ममता ने अमित शाह को लोकतांत्रिक तरीके से बंगाल आकर चुनाव लड़ने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि सुबह 6 बजे आकर डेटा और लैपटॉप जब्त करना एक अपराध है।
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ईडी ने दी सफाई
विवाद बढ़ता देख ईडी ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग और कोयला तस्करी मामले से जुड़े सबूतों के आधार पर की गई है। एजेंसी ने ममता बनर्जी पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने तलाशी के दौरान दखल देकर अहम इलेक्ट्रॉनिक और फिजिकल सबूतों को हटाने का प्रयास किया है। फिलहाल, यह मामला पूरी तरह से 'चुनावी डेटा की सुरक्षा' बनाम 'भ्रष्टाचार की जांच' की लड़ाई में तब्दील हो गया है।