
डिजिटल डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सुबह 11 बजे लोकसभा में अपना लगातार नौवां आम बजट पेश करेंगी। बजट का केंद्र सरकार की आर्थिक रफ्तार बढ़ाने की रणनीति रहने वाली है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती और घरेलू मांग को बढ़ावा प्रमुख एजेंडा माना जा रहा है। जानकारों के अनुसार, आयात पर निर्भरता घटाने और निर्यात के नए रास्ते खोलने के लिए यह दिशा अहम साबित हो सकती है।
बजट से क्या उम्मीदें
उद्योग और निर्यात: स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को राहत मिल सकती है। वैश्विक मंदी के बावजूद लंबी अवधि में इसका असर दिखने की उम्मीद है।
शहरी विकास और स्वास्थ्य: शहरों के आधुनिकीकरण और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बजट में बड़ा आवंटन संभव है।
नगर निकायों को मजबूती: राज्यों और शहरी निकायों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नए राजस्व मॉडल अपनाने की सलाह दी जा सकती है।
कृषि और किसान: किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए उत्पादकता पर जोर और व्यावसायिक फसलों को बढ़ावा देने वाली योजनाएं आ सकती हैं।
टैक्स में राहत की उम्मीद कम
इनकम टैक्स और जीएसटी में पहले ही दी गई राहत के कारण 2025-26 में टैक्स कलेक्शन की रफ्तार धीमी है। ऐसे में इस बजट में इनकम टैक्स में नई छूट की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।
सरकार खाद्य, उर्वरक और मनरेगा जैसी योजनाओं पर करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी रख सकती है। राजस्व बढ़ाने के लिए विनिवेश और एसेट मोनेटाइजेशन पर भी ऐलान संभव है।
कैपेक्स और नए सेक्टर पर फोकस
पूंजीगत खर्च में लगातार पांचवीं बार बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और मांग को बल मिलेगा।सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रिसर्च-डेवलपमेंट जैसे उभरते सेक्टर बजट की प्राथमिकता में रह सकते हैं। किफायती आवास को बढ़ावा देने के लिए निर्माण और खरीद दोनों को आसान करने वाली घोषणाएं संभव हैं।
चुनावी राज्यों को मिल सकती है सौगात
इस साल पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु जैसे राज्यों में चुनाव होने हैं। ऐसे में बिहार की तर्ज पर इन राज्यों के लिए भी बजट में विशेष पैकेज या योजनाओं का ऐलान किया जा सकता है। साथ ही सरकार फिस्कल डेफिसिट को जीडीपी के 4.4% से नीचे लाने के लक्ष्य की ओर कदम बढ़ा सकती है।
यह भी पढ़ें- Union Budget 2026: 9वीं बार बजट पेश करेंगी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राज्यों को मिल सकती है बड़ी सौगात