डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार इस समय मानसून पूरे देश में सक्रिय है और इसकी वजह से उत्तर से दक्षिण तक तबाही का माहौल है। बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की वजह से कई लोगों की जान जा चुकी है।
जम्मू-कश्मीर से बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। वैष्णो देवी के यात्रा मार्ग में हुए भूस्खलन में 34 लोगों की मौत हो गई। राज्य में कुल मृतकों की संख्या 41 तक पहुंच गई है। उत्तर भारत के कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर हैं।
दक्षिण भारत भी मानसून की मार झेल रहा है। तेलंगाना के कामारेड्डी और मेदक जिलों में पिछले 24 घंटों में हुई बारिश ने 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। बाढ़ के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग-44 तीन स्थानों पर धंस गया है।
उत्तर प्रदेश में गंगा और यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंचकर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन तबाही का असर तटीय इलाकों में व्यापक है। 142 गांव और 36 शहरी बस्तियां जलमग्न हो गई हैं। 76 सड़कें और दर्जनभर गलियां भी बाढ़ के पानी में डूब गईं। अब तक करीब डेढ़ लाख लोग प्रभावित हो चुके हैं।
वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर होने वाली ऐतिहासिक गंगा आरती इस समय गंगा सेवा निधि की छत पर आयोजित की जा रही है। पानी भर जाने से मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट की सीढ़ियां डूब चुकी हैं। शवदाह की व्यवस्था भी अस्थायी छतों पर की जा रही है।
राजस्थान के करौली, उदयपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, अजमेर, भीलवाड़ा और जयपुर सहित कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। उदयपुर के सलूंबर क्षेत्र में एक शिक्षक बाइक सहित नदी में बह गया, जबकि भीलवाड़ा में दो किशोरियां डूब गईं। इनमें से एक का शव बरामद कर लिया गया है।
देशभर में मानसून के चलते हालात चिंताजनक बने हुए हैं और लाखों लोग प्रभावित हैं।
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