नई दिल्ली Income Tax । यदि आप पेंशनभोगी हैं और फिक्स डिपाजिट के ब्याज के जरिए कमाई भी कर रहे हैं तो अब आप 50 हजार रुपए तक की टैक्स छूट प्राप्त कर सकते हैं। आयकर नियमों के सेक्शन 80TTB के अनुसार अब सीनियर सिटीजन को ब्याज से होने वाली कमाई पर आयकर में छूट मिलती है। यह रियायत बैंक, पोस्ट ऑफिस या सहकारी बैंक में जमा की गई फिक्स डिपाजिट पर मिल सकती है। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि कॉरपोरेट फिक्स डिपॉजिट पर आयकर में किसी भी प्रकार की छूट नहीं मिलेगी।
गौरतलब है कि कॉरपोरेट फिक्स डिपॉजिट पर ब्याज दर सामान्य तौर पर बैंक एफडी से ज्यादा होता है। आयकर नियमों के मुताबिक सेक्शन 80TTB के तहत एक वित्तीय वर्ष के दौरान किसी बैंक, पोस्टऑफिस या कोऑपरेटिव बैंक में 50,000 रुपए तक की ब्याज से कमाई हुई राशि टैक्स फ्री रहेगी। गौरतलब है कि इनकम टैक्स के सेक्शन 80TTB को 2018 के बजट में लागू किया गया था।
इन नियमों को भी जरूर जाने
- सीनियर सिटीजन का मतलब 60 वर्ष या उससे ज्यादा उम्र वाले लोग हैं।
- वरिष्ठ नागरिकों के खातों में अगर 50,000 रुपए तक का ब्याज डिपॉजिट होता है तो बैंक उसपर TDS नहीं काटा जा सकता है। आयकर के सेक्शन 194A के तहत सीनियर सिटिजन को यह छूट मिलती है।
- एफडी पर ब्याज की रकम अगर 50,000 रुपए से ज्यादा रही तो सीनियर सिटिजन के टैक्स स्लैब के मुताबिक, उस पर टैक्स लगेगा।
- सीनियर सिटीजन को बॉन्ड, NCD या कंपनी FD से होने वाले ब्याज पर इस प्रावधानों के तहत टैक्स छूट नहीं मिलेगी।
बुजुर्गों की टैक्स प्लानिंग
- 60-80 उम्र तो 3 लाख तक इनकम टैक्स फ्री होता है
- 80 साल से ऊपर हैं तो 5 लाख तक आयकर फ्री होता है
- पेंशन इनकम पर 50,000 रुपए तक स्टैंडर्ड डिडक्शन की छूट मिलती है
- सेक्शन 0TTB में 50,000 रुपए तक के ब्याज इनकम पर छूट
- सेक्शन 80TTB में TDS पर भी मिलती है टैक्स राहत
- सेक्शन 80D में मेडिक्लेम पर 50,000 तक की छूट
- 80DDB के तहत मेडिकल खर्च के लिए 1 लाख डिडक्शन
- सीनियर सिटीजन को एडवांस टैक्स भरने से छूट
सीनियर सिटीजन के लिए प्लानिंग क्यों जरूरी?
गौरतलब है कि सीनियर सिटीजन के लिए भी निवेश की प्लानिंग जरूरी होती है ताकि बुजुर्ग अवस्था में उन्हें नियमित आय प्राप्त होती रहे और बुढ़ापे में होने वाली बीमारियों के खर्चों के लिए पास में पैसा रहे। बुजुर्गे अवस्था में पैसा होने पर अंत समय तक जीवन का आनंद लिया जा सकता है।