• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • राजस्थान

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजस्थान में गुर्जर आंदोलन पर बन गई फिल्म

17 अक्टूबर को हो रही है रिलीज, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा व उप्र में दिखाएंगे।

By Edited By:
Publish Date: Mon, 13 Oct 2014 05:06:20 PM (IST)Updated Date: Mon, 13 Oct 2014 05:11:59 PM (IST)
राजस्थान में गुर्जर आंदोलन पर बन गई फिल्म

जयपुर। राजस्थान में इन दिनों गुर्जर आरक्षण आंदोलन की खबरें फिर सुर्खियों में है और अब इसी विषय पर एक फिल्म रिलीज होने वाली है। गुर्जर आंदोलन नाम की यह फिल्म 17 अक्टूबर को रिलीज हो रही है और फिल्म बनाने वाले इसे गुर्जर बाहुल्य क्षेत्र के सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश आदि में रिलीज कर रहे हैं।

यह फिल्म उत्तर प्रदेश के अरुण नागर ने बनाई है, जो खुद भी एक गुर्जर हैं। फिल्म में गुर्जर आंदोलन से जुड़े नेताओं के रीयल लाइफ किरदार ही लिए गए हैं। हालांकि इनके नाम बदल दिए गए हैं। फिल्म गुर्जर आंदोलन की शुरूआत से लेकर अब तक के घटनाक्रम के बारे में है और इसका मुख्य हिस्सा 2007-08 में हुई हिंसा से जुड़ा है। फिल्म के निर्माता अनिरूद्घ सिंह का कहना है कि हमने आंदोलन का फिल्म रूपांतरण करने की कोशिश की है और वही दिखाया है, जो अब तक हुआ है और इस आंदोलन के कारण लोगों को हुई परेशानी और पीड़ा को भी सामने लाने की कोशिश की गई है।


रिसर्च के बाद बनी है फिल्म

वर्ष 2007-2008 में जिस समय आंदोलन चरम पर था, उस समय फिल्म के निर्देशक अरुण नागर पुणे में फिल्म मेकिंग का कोर्स कर रहे थे। बाद में उन्होंने राजस्थान के गुर्जर बाहुल्य क्षेत्रों में रिसर्च की। यहां के लोगों से मिले और फिल्म बनाई। चूंकि अभी तक यह मामला अपने अंजाम तक नहीं पहुंचा है इसलिए फिल्म का अंत भी ऐसा ही रखा गया है, जो बताता है कि संघर्ष जारी है।