
धर्म डेस्क। नए साल 2026 में आस्था और उमंग का पर्व मकर संक्रांति बुधवार, 14 जनवरी को मनाया जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन आत्मा के कारक सूर्य देव अपने पुत्र शनि की राशि 'मकर' में प्रवेश करेंगे।
इस खगोलीय और धार्मिक घटना का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 4 विशेष राशियां ऐसी हैं जिन्हें शनिदेव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होने वाला है।
वैदिक पंचांग के अनुसार, 14 जनवरी को स्नान-दान के लिए शुभ समय इस प्रकार रहेगा-
पुण्य काल - दोपहर 03:13 बजे से शाम 05:45 बजे तक।
महा पुण्य काल - दोपहर 03:13 बजे से शाम 04:57 बजे तक।
संक्रांति क्षण - दोपहर 03:13 बजे।
ज्योतिषियों के अनुसार, मकर संक्रांति पर बन रहे विशेष संयोग से मेष, तुला, मकर और कुंभ राशि के जातकों को शनिदेव और सूर्य देव की दोहरी कृपा मिलेगी।
मेष राशि वालों के लिए यह संक्रांति जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आएगी। निवेश की गुप्त योजनाएं सफल होंगी और धन लाभ के योग बनेंगे। सलाह दी जाती है कि वाणी में मधुरता रखें और गुस्से पर काबू पाएं। काले तिल का दान करना शुभ रहेगा।
तुला राशि के जातकों को भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। विशेष रूप से ससुराल पक्ष से धन लाभ या संपत्ति मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों के लिए भी यह समय अनुकूल रहेगा।
विशेष उपाय - गंगाजल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
चूंकि सूर्य का गोचर इसी राशि में हो रहा है और शनि इस राशि के स्वामी हैं, इसलिए मकर राशि वालों के लिए यह 'नया सवेरा' साबित होगा। लंबे समय से रुके हुए अधूरे काम पूरे होंगे और शनिदेव की कृपा से जीवन में मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी।
शनि की दूसरी राशि होने के कारण कुंभ जातकों को भी कष्टों से मुक्ति मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन किया गया दान अक्षय फल देता है। शनिदेव के 'वीआईपी' आशीर्वाद के लिए इन वस्तुओं का दान श्रेष्ठ माना गया है काले तिल और उड़द की दाल, काले कंबल और गर्म कपड़े, चमड़े के जूते या चप्पल, गुड़ और खिचड़ी।
इस दिन गंगा स्नान से अनजाने में किए गए पाप नष्ट होते हैं और सूर्य देव की उपासना से व्यक्ति को आरोग्य (अच्छे स्वास्थ्य) का वरदान प्राप्त होता है।