Garud Puran: मृत व्यक्ति के कपड़ों को क्यों नहीं पहनना चाहिए, गरुड़ पुराण से जानिए इसकी वजह
हिंदू धर्म में अगर किसी की मृत्यु हो जाती है तो कई परिवार वाले उनके कपड़ों को याद की निशानी के तौर पर संभालकर रखते हैं। वहीं कई लोग इन कपड़ों को दान भ ...और पढ़ें
By Ekta SharmaEdited By: Ekta Sharma
Publish Date: Sat, 17 Dec 2022 11:38:10 AM (IST)Updated Date: Sat, 17 Dec 2022 11:38:10 AM (IST)

Garud Puran: हिंदू धर्म के सभी पुराणों में गरुड़ पुराण को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इस पुराण में भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच की बातचीत का वर्णन किया गया है। गरुड़ पुराण में मृत्यु और उसके बाद के जीवन के बारे में विस्तार से बताया गया है। हिंदू धर्म में अगर किसी की मृत्यु हो जाती है तो कई परिवार वाले उनके कपड़ों को याद की निशानी के तौर पर संभालकर रखते हैं। वहीं कई लोग इन कपड़ों को दान भी कर देते हैं। हालांकि मृत व्यक्ति के कपड़ों को घर में संभालकर नहीं रखना चाहिए। इन्हें दान कर देना चाहिए। इसके बारे में गरुड़ पुराण में बताया गया है।
- गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के बाद उस इंसान के कपड़ों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। मृतक का अपनी चीजों के प्रति काफी जुड़ाव होता है। ऐसे में आत्मा खुद के कपड़े या अन्य चीजों के प्रति आकर्षित होती है।
- मृत व्यक्ति के कपड़ों का दान करने के पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक कारण है। गरुड़ पुराण में ऐसा कहा गया है कि मृत्यु के बाद इंसान की आत्मा इस संसार के प्रति मोह नहीं छोड़ पाती है। ऐसे में आवश्यक है कि आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए उनसे जुड़ी चीजों का दान कर देना चाहिए।
- वहीं विज्ञान में भी मृत व्यक्ति के कपड़ों का इस्तेमाल सही नहीं बताया गया है। मृतक के कपड़े पहनने से जीवित व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से बीमार हो सकते हैं, ऐसा करने से जीवित व्यक्ति का मृतक के साथ जुड़ाव हो जाता है और वह उन्हें याद करने लगता है।
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