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मृत लोगों के कपड़े, गहने, निशानियां सहेजकर रखते हैं तो जान लें यह कितना उचित! गरुड़ पुराण में मिलेगा जवाब

लोग अक्सर मरे हुए इंसान की कुछ चीज़ों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन मरे हुए इंसान की कौन सी चीज़ें इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए? गरुड़ पुराण से जानें

By Digital DeskEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Fri, 02 Oct 2026 06:02:38 PM (IST)Updated Date: Fri, 02 Oct 2026 06:14:20 PM (IST)
मृत लोगों के कपड़े, गहने, निशानियां सहेजकर रखते हैं तो जान लें यह कितना उचित! गरुड़ पुराण में मिलेगा जवाब
मृतकों की निशा‍नियां रखना कितना उचित है।

HighLights

  1. यह गरुड़ पुराण में बताया गया है। इस पुराण में मरने वाले के सामान को लेकर भी कई नियम बताए गए हैं।
  2. लोग अक्सर मरने वाले का सामान खुद इस्तेमाल करते हैं, लेकिन धार्मिक नज़रिए से इसे अशुभ माना जाता है।
  3. आइए जानते हैं मरने वाले का कौन सा सामान इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और उनका क्या करना चाहिए।

धर्म डेस्‍क। हम अक्सर देखते हैं कि जब परिवार में किसी इंसान की मौत हो जाती है और उसका अंतिम संस्कार किया जाता है, तो परिवार के कुछ लोग अपने प्रियजन की यादों को ज़िंदा रखते हैं। इसलिए कुछ लोग अक्सर मरे हुए इंसान के कपड़े, गहने और कीमती सामान इस्तेमाल करते हैं। लेकिन गरुड़ पुराण इस बारे में असल में क्या कहता है। आइए जानते हैं मरे हुए इंसान की कौन सी चीज़ें इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए? उन चीज़ों का असल में क्या करना चाहिए?

गरुड़ पुराण में जीवन और मृत्यु के बारे में कई ज़रूरी बातें बताई गई हैं

हिंदू धर्म में गरुड़ पुराण का खास महत्व है, क्योंकि इसमें जीवन और मृत्यु के बारे में कई ज़रूरी बातें बताई गई हैं। मौत के बाद अगले 13 दिनों में परिवार वालों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, मौत के बाद आत्मा का क्या होता है? यह गरुड़ पुराण में बताया गया है। इस पुराण में मरने वाले के सामान को लेकर भी कई नियम बताए गए हैं। लोग अक्सर मरने वाले का सामान खुद इस्तेमाल करते हैं, लेकिन धार्मिक नज़रिए से इसे अशुभ माना जाता है। आइए जानते हैं मरने वाले का कौन सा सामान इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और उनका क्या करना चाहिए।


मरने वाले का कौन सा सामान इस्तेमाल नहीं करना चाहिए?

हिंदू धर्म और गरुड़ पुराण के अनुसार मरने वाले का कुछ सामान ज़िंदा लोगों को इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन सामानों में मरने वाले की एनर्जी और लगाव होता है।

कपड़े: गरुड़ पुराण के अनुसार, मरने वाले के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। इससे पितृ दोष लग सकता है। ये सामान ज़रूरतमंदों को दान कर देना चाहिए।

घड़ी: गरुड़ पुराण के अनुसार, मरे हुए व्यक्ति की घड़ी का इस्तेमाल करना मना माना जाता है, क्योंकि इससे नेगेटिव एनर्जी और पितृ दोष का खतरा रहता है।

गहने: मरे हुए व्यक्ति की ज्वेलरी को सीधे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इस्तेमाल करने से पहले उसे शुद्ध या फिर से पिघला लेना चाहिए।

चप्पल या बूट: मरे हुए व्यक्ति के जूते या चप्पल घर में नहीं रखने चाहिए। इससे नेगेटिविटी और वास्तु दोष बढ़ता है।

बिस्तर और गद्दा: मरे हुए व्यक्ति के इस्तेमाल किए गए बिस्तर या तकिए का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए; उन्हें हटा देना चाहिए।

निजी सामान: कंघी, रेज़र, चश्मा या शेविंग किट जैसी चीज़ों को तुरंत दान कर देना चाहिए या घर से हटा देना चाहिए।

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मरे हुए व्यक्ति के सामान का क्या करना चाहिए?

कपड़े/बिस्तर - मरे हुए व्यक्ति के साफ कपड़े और बिस्तर किसी ज़रूरतमंद या गरीब व्यक्ति को दान करना सबसे अच्छा माना जाता है। इससे आत्मा को शांति मिलती है। अगर दान करना मुमकिन न हो, तो उन कपड़ों को किसी पवित्र नदी में विसर्जित किया जा सकता है।

ज्वेलरी - मरे हुए व्यक्ति की ज्वेलरी सीधे इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए। उन्हें या तो किसी मंदिर में दान कर देना चाहिए या पिघलाकर नई ज्वेलरी बना लेनी चाहिए।

घड़ियां या चश्मा - मेटल से बनी घड़ियां और पर्सनल चीज़ें एनर्जी जमा करती हैं। इन चीज़ों से भी बचना चाहिए।

पर्सनल चीज़ें - कंघी, शेविंग किट, चश्मा या मोबाइल फ़ोन जैसी बहुत ज़्यादा पर्सनल चीज़ें इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए। उन्हें या तो दे देना चाहिए, दान कर देना चाहिए या नष्ट कर देना चाहिए।