धर्म डेस्क। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की सुख-समृद्धि में रसोई (किचन) की भूमिका सबसे अहम होती है। किचन न केवल भोजन बनाने का स्थान है, बल्कि यह ऊर्जा का मुख्य केंद्र भी है।
वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रसोई में मिट्टी का घड़ा सही दिशा और नियमों के साथ रखा जाए, तो घर से आर्थिक तंगी दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है।
1. किस दिशा में रखें घड़ा? (ईशान कोण का महत्व)
![naidunia_image]()
वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई में पानी से भरा मिट्टी का घड़ा रखने के लिए सबसे उत्तम दिशा उत्तर (North) या उत्तर-पूर्व (North-East) यानी ईशान कोण मानी गई है। इन दिशाओं को जल तत्व और देवताओं का वास माना जाता है, जिससे धन का प्रवाह निरंतर बना रहता है।
2. भूलकर भी न करें ये गलतियां
![naidunia_image]()
वास्तु नियमों के अनुसार, मिट्टी का घड़ा रखते समय कुछ सावधानियां बरतनी बेहद जरूरी हैं-
घड़े को कभी खाली न रखें - विशेष रूप से रात के समय घड़ा खाली नहीं होना चाहिए। इसे हमेशा पानी से भरकर रखें, क्योंकि भरा हुआ पात्र संपन्नता का प्रतीक है।
स्थान का चयन - घड़े को सीधी धूप या अत्यधिक गर्मी वाली जगह पर न रखें। इसे हमेशा साफ, ठंडी और छायादार जगह पर स्थापित करें।
साफ-सफाई - घड़े और उसके आसपास की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। गंदा स्थान नकारात्मकता को आकर्षित करता है।
3. रसोई के अन्य महत्वपूर्ण वास्तु नियम
घर में सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए केवल घड़ा ही नहीं, बल्कि किचन की अन्य व्यवस्थाएं भी सही होनी चाहिए-
नुकीली चीजें - चाकू-छुरी जैसी नुकीली वस्तुओं को हमेशा इस तरह रखें कि वे सीधे किसी की नजर में न आएं। इन्हें ढककर रखना बेहतर माना जाता है।
प्रकाश और हवा - किचन हमेशा हवादार और रोशनी से भरपूर होना चाहिए। अंधेरी और बंद रसोई घर में क्लेश और बीमारी का कारण बनती है।
व्यवस्थित रखरखाव - सामान को हमेशा व्यवस्थित ढंग से रखें। बिखरी हुई रसोई मानसिक तनाव और ऊर्जा के अवरोध का कारण बनती है।
मिट्टी का घड़ा न केवल स्वास्थ्य के लिए (ठंडा और शुद्ध पानी) लाभकारी है, बल्कि इसके वास्तु उपाय घर में बरकत लाते हैं। यदि आप भी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो किचन की उत्तर दिशा में पानी से भरा घड़ा रखना एक प्रभावी उपाय हो सकता है।