
धर्म डेस्क। भारत में ज्यादातर त्योहार पंचांग के अनुसार मनाए जाते हैं, इसलिए उनकी तिथियां हर साल बदलती रहती हैं। लेकिन मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व रहा है, जो लंबे समय तक 14 जनवरी को ही मनाया जाता रहा। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से इसकी तारीख में बदलाव देखने को मिल रहा है।
अब मकर संक्रांति अक्सर 15 जनवरी को पड़ रही है। ज्योतिष और खगोल विज्ञान के अनुसार, यह बदलाव अस्थायी नहीं है, बल्कि अगले 54 सालों तक यही स्थिति बनी रहने वाली है।
मकर संक्रांति उस समय मनाई जाती है, जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है। इसी दिन से सूर्य का उत्तरायण काल शुरू होता है।
खगोल विज्ञान के मुताबिक, सूर्य की इस गति में हर साल लगभग 20 मिनट का अंतर आता है। इस तरह तीन साल में यह अंतर करीब एक घंटे का हो जाता है और लगभग 72 वर्षों में संक्रांति की तिथि एक दिन आगे खिसक जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सूर्य की चाल में होने वाले इस सूक्ष्म बदलाव के कारण हर 72 साल में मकर संक्रांति की तारीख एक दिन आगे बढ़ जाती है।
इतिहास पर नजर डालें तो कभी यह पर्व 10-12 जनवरी के आसपास मनाया जाता था। बाद में लंबे समय तक यह 14 जनवरी को स्थिर रहा और अब खगोलीय कारणों से यह 15 जनवरी की ओर खिसक गया है।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, अब साल 2080 तक मकर संक्रांति अधिकतर 15 जनवरी को ही मनाई जाएगी। इसके बाद यह पर्व 16 जनवरी को शिफ्ट हो जाएगा। लीप ईयर भी इस बदलाव को प्रभावित करता है, जिसकी वजह से कुछ वर्षों में तारीख आगे-पीछे होती है, लेकिन फिलहाल 15 जनवरी का पलड़ा भारी रहेगा।
तारीख भले ही बदल रही हो, लेकिन मकर संक्रांति का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व वही बना हुआ है। सूर्य का उत्तरायण होना प्रकाश, सकारात्मकता और नई ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इस दिन दान-पुण्य, स्नान और जप से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति पर राशि के अनुसार दान करने से विशेष फल मिलता है। किसी को तिल, गुड़, कपड़े तो किसी को अनाज और कंबल दान करने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है।
मेष (Aries) - इस राशि के जातकों को ऊर्जा और साहस के लिए लाल मिर्च, लाल कपड़े और मसूर की दाल का दान करना चाहिए।
वृषभ (Taurus) - सुख-समृद्धि के लिए सफेद तिल के लड्डू, चावल और चीनी का दान करना उत्तम रहेगा।
मिथुन (Gemini) - आपको हरी सब्जियां, ताजे मौसमी फल और साबुत मूंग का दान करना चाहिए।
कर्क (Cancer) - मानसिक शांति के लिए सफेद वस्त्र और शुद्ध घी जरूरतमंदों को भेंट करें।
सिंह (Leo) - आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए गुड़, चिक्की, शहद और मूंगफली का दान करें।
कन्या (Virgo) - पुण्य लाभ के लिए मूंग दाल की खिचड़ी बनाकर गरीबों को खिलाएं।
तुला (Libra) - जीवन में संतुलन के लिए मखाना, चावल, चीनी और सफेद वस्त्रों का दान करें।
वृश्चिक (Scorpio) - इस राशि वालों को गुड़, मूंगफली और लाल रंग के गर्म कपड़ों का दान करना चाहिए।
धनु (Sagittarius) - ज्ञान और सौभाग्य के लिए पीले वस्त्र, चने की दाल, बेसन और केले दान करें।
मकर (Capricorn) - शनि देव की कृपा के लिए काले तिल के लड्डू और ऊनी कंबल का दान करें।
कुंभ (Aquarius) - बाधाओं को दूर करने के लिए सरसों का तेल, जूते-चप्पल और गर्म कपड़ों का दान करें।
मीन (Pisces) - सुख-शांति के लिए पीली सरसों, चने की दाल और मौसमी फलों का दान करना शुभ होगा।
नोट - मकर संक्रांति की तारीख में बदलाव पूरी तरह खगोलीय गणनाओं पर आधारित है। यह परिवर्तन धीरे-धीरे होता है, इसलिए आम लोगों को इसका एहसास कम होता है, लेकिन पंचांग और ज्योतिष में इसका स्पष्ट उल्लेख मिलता है।