Rahu Gochar 2026: राहु-केतु की चाल बदलने से 2 राशियों की खुलेगी किस्मत, लेकिन इन लोगों को रहना होगा सावधान
Rahu Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र में 'मायावी' माने जाने वाले ग्रह राहु और केतु साल 2026 के अंत में अपनी चाल बदलने जा रहे हैं। ग्रहों की यह उथल-पुथल क ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 14 Jan 2026 08:44:24 AM (IST)Updated Date: Wed, 14 Jan 2026 08:44:23 AM (IST)
दिसंबर 2026 में बदल रही राहु-केतु की चाल।HighLights
- दिसंबर 2026 में बदल रही राहु-केतु की चाल।
- इन राशियों को मिलेगी 'छाया ग्रहों' से मुक्ति।
- मकर और कर्क राशि वालों के लिए चेतावनी।
धर्म डेस्क। ज्योतिष शास्त्र में 'मायावी' माने जाने वाले ग्रह राहु और केतु साल 2026 के अंत में अपनी चाल बदलने जा रहे हैं। ग्रहों की यह उथल-पुथल कुछ राशियों के लिए सुनहरे दिन लेकर आएगी, तो कुछ के लिए चुनौतियां खड़ी कर सकती है।
5 दिसंबर 2026 को होगा महागोचर
ज्योतिष गणना के अनुसार, राहु और केतु हमेशा वक्री (उल्टी) चाल चलते हैं और एक राशि में लगभग 18 महीने तक रहते हैं। वर्तमान में राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में गोचर कर रहे हैं। 5 दिसंबर 2026 को राहु कुंभ से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि केतु सिंह राशि से निकलकर कर्क राशि में गोचर करेंगे।
इन राशियों को मिलेगी 'छाया ग्रहों' से मुक्ति
राहु और केतु के इस राशि परिवर्तन से दो राशियों को सबसे बड़ी राहत मिलने वाली है।
कुंभ राशि - कुंभ राशि के जातकों पर चल रहा राहु का प्रभाव समाप्त होगा, जिससे मानसिक तनाव और कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होंगी।
सिंह राशि - केतु के राशि परिवर्तन से सिंह राशि वालों के जीवन में स्थिरता आएगी और पुराने रुके हुए काम गति पकड़ेंगे।
मकर और कर्क राशि वालों के लिए चेतावनी
गोचर के बाद इन दो राशियों को अगले 18 महीनों तक संभलकर रहने की सलाह दी गई है-
मकर राशि - राहु के प्रवेश से इस राशि के जातकों को स्वास्थ्य और करियर के मोर्चे पर उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।
कर्क राशि (सबसे अधिक सावधान)
केतु का कर्क में प्रवेश संघर्ष बढ़ा सकता है। चूंकि कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं और यहाँ बृहस्पति उच्च के होते हैं, जिन्हें राहु-केतु अपना शत्रु मानते हैं। इस कारण कर्क राशि वालों को पारिवारिक और आर्थिक मामलों में अधिक सावधानी बरतनी होगी।
इस गोचर के दौरान प्रतिकूल प्रभाव से बचने के लिए विशेषज्ञों द्वारा भगवान शिव की पूजा और दान-पुण्य करने की सलाह दी जाती है।