
धर्म डेस्क: हिंदू धर्म में शनिदेव को कर्मों के अनुसार फल देने वाला देवता माना गया है। उनकी आराधना करने से व्यक्ति को जीवन में धैर्य, अनुशासन और स्थिर सफलता प्राप्त होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिदेव की कृपा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ता है।

ज्योतिषियों के अनुसार, वर्तमान समय में शनिदेव मीन राशि में स्थित हैं। शनि एक राशि में लगभग ढाई वर्ष तक रहते हैं। मीन राशि में उनके गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग रूप में देखा जा रहा है।
कुंभ राशि के स्वामी स्वयं शनिदेव हैं और इस राशि के आराध्य देव महादेव माने जाते हैं। कुंभ राशि का शुभ रंग आसमानी और शुभ अंक 10 व 11 है। फिलहाल कुंभ राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है, जिसके कारण उन्हें जीवन में कभी अनुकूल तो कभी प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, न्याय के देवता शनिदेव 03 जून 2027 को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे। इसी दिन से कुंभ राशि के जातकों को शनि की साढ़ेसाती से पूर्ण रूप से मुक्ति मिलेगी। इसके बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव, मानसिक शांति और कार्यक्षेत्र में प्रगति के योग बनेंगे।
साढ़ेसाती समाप्त होने के बाद कुंभ राशि के जातकों को रुके हुए कार्यों में गति मिलेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार, करियर में स्थिरता और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति के संकेत मिलते हैं। साथ ही मानसिक तनाव में भी कमी आएगी।
अगर जातक शनिदेव की कृपा पाना चाहते हैं, तो रोज भगवान शिव और भगवान कृष्ण की पूजा करनी चाहिए, क्योंकि शनिदेव इन्हें अपना आराध्य मानते हैं।
सोमवार और शनिवार को शिवजी की पूजा कर काले तिल मिश्रित जल से अभिषेक करना लाभकारी होता है। वहीं मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनि की कुदृष्टि से मुक्ति मिलती है। हनुमान जी की आराधना शनि दोष को शांत करने का प्रभावी उपाय मानी जाती है।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। नईदुनिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। नईदुनिया अंधविश्वास के खिलाफ है।