
धर्म डेस्क। रिश्तों में खटास आने पर अक्सर लोग एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने लगते हैं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कई बार इसके पीछे ग्रहों की स्थिति भी अहम भूमिका निभाती है। कुंडली में कुछ ग्रहों के कमजोर होने पर लाख कोशिशों के बावजूद रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं टिक पाता।
ज्योतिष शास्त्र में नवग्रहों का विशेष महत्व बताया गया है। हर ग्रह का अपना अलग स्वभाव और प्रभाव होता है। व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति उसके जीवन, स्वभाव और रिश्तों पर असर डालती है। ग्रहों की शुभ या अशुभ दशा कई बार जीवन में उतार-चढ़ाव का कारण बन जाती है।
कई बार सब कुछ ठीक होने के बावजूद रिश्ते में तनाव बढ़ने लगता है और आखिरकार ब्रेकअप हो जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, कुंडली में कुछ ग्रहों के कमजोर होने से प्रेम संबंधों में स्थिरता नहीं रह पाती। आइए जानते हैं ऐसे ही ग्रहों के बारे में-
शुक्र को प्रेम, सौंदर्य, दांपत्य जीवन और सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है। यदि कुंडली में शुक्र कमजोर हो, तो लव लाइफ में परेशानियां बनी रहती हैं। पार्टनर के साथ तालमेल बैठाना मुश्किल हो जाता है और रिश्ते में रोमांस की कमी महसूस होने लगती है।
सूर्य को ग्रहों का राजा कहा गया है और इसका असर लव लाइफ पर भी पड़ता है। सूर्य का संबंध पिता से माना जाता है। कुंडली में सूर्य कमजोर होने पर पिता से रिश्ते अच्छे नहीं रहते और प्रेम संबंध में भी बाधाएं आती हैं। कई बार पार्टनर के परिवार, खासकर पिता से विवाद के कारण रिश्ता टूटने की नौबत आ जाती है।
प्यार और विवाह में बृहस्पति ग्रह का महत्वपूर्ण स्थान होता है। ज्योतिष के अनुसार, गुरु ग्रह के कमजोर होने पर रिश्ता लंबे समय तक टिक नहीं पाता। ऐसे लोगों की लव लाइफ में लगातार तनाव बना रहता है और ब्रेकअप की संभावना बढ़ जाती है।
बुध ग्रह बुद्धि, संवाद और मानसिक संतुलन का प्रतीक है। यदि कुंडली में बुध कमजोर हो, तो व्यक्ति अपने पार्टनर को खुश नहीं रख पाता। मानसिक तनाव बढ़ता है, बातचीत में कमी आती है और यही वजह रिश्ते में दूरियां पैदा कर देती है।
नोट - यहां दी गई जानकारी धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। नईदुनिया इसकी पुष्टि नहीं करता। किसी भी निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।