• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • धर्म
  • कहते हैं

Year Ender 2025: ऐसे अद्भुत विवाह जो 2025 में रहे चर्चा में, जानिए इनकी खास परंपराएं

भारतीय परंपरा में विवाह को केवल सामाजिक रिश्ता नहीं, बल्कि सोलह संस्कारों में एक महत्वपूर्ण संस्कार माना गया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में विवाह की व...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Sun, 14 Dec 2025 01:25:52 PM (IST)Updated Date: Sun, 14 Dec 2025 01:25:52 PM (IST)
Year Ender 2025: ऐसे अद्भुत विवाह जो 2025 में रहे चर्चा में, जानिए इनकी खास परंपराएं
2025 के अद्भुत विवाह

धर्म डेस्क। Year Ender 2025: भारतीय परंपरा में विवाह को केवल सामाजिक रिश्ता नहीं, बल्कि सोलह संस्कारों में एक महत्वपूर्ण संस्कार माना गया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में विवाह की विधियां अलग हो सकती हैं, लेकिन उनका उद्देश्य जीवन को धार्मिक और आध्यात्मिक आधार देना होता है। वैदिक विवाह जहां हिंदू धर्म की सबसे प्राचीन परंपरा है, वहीं भूत शुद्धि विवाह योगिक परंपरा से जुड़ा एक विशिष्ट अनुष्ठान माना जाता है। साल 2025 में ये दोनों विवाह पद्धतियां खास वजहों से चर्चा में रहीं।

वैदिक विवाह

वैदिक विवाह हिंदू धर्म का सबसे पुराना और मूल विवाह संस्कार माना जाता है। इसका उल्लेख ऋग्वेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद जैसे प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। यह विवाह मंत्रोच्चारण, पवित्र अग्नि और पारंपरिक विधियों के साथ संपन्न होता है। इसका उद्देश्य धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के मार्ग पर चलते हुए गृहस्थ जीवन की शुरुआत करना और उत्तम संतान की प्राप्ति माना गया है।


naidunia_image

इस विवाह में कन्यादान, पाणिग्रहण और अग्नि के फेरे प्रमुख रस्में होती हैं। फेरों के दौरान पति-पत्नी जीवनभर धर्म और सत्य के पालन की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लेते हैं। यह संस्कार दोनों को जीवनभर एक-दूसरे के प्रति समर्पित करता है और धार्मिक कर्तव्यों के योग्य बनाता है।

भूत शुद्धि विवाह

भूत शुद्धि विवाह एक प्राचीन योगिक परंपरा पर आधारित अनुष्ठान है, जिसका मुख्य उद्देश्य आध्यात्मिक शुद्धि माना जाता है। भूत शुद्धि का अर्थ है पंचतत्वों का शुद्धिकरण, जो शरीर, मन और ऊर्जा का आधार होते हैं। इस विवाह में भावनात्मक और शारीरिक सीमाओं से ऊपर उठकर आध्यात्मिक स्तर पर मिलन को महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि यह विवाह वैवाहिक जीवन में संतुलन और शांति लाता है।

naidunia_image

इस विधि में दूल्हा-दुल्हन ध्यान और साधना से जुड़ी रस्में निभाते हैं। पवित्र अग्नि के चारों ओर मंत्रोच्चारण के साथ पंचतत्वों की शुद्धि की परिक्रमा की जाती है। यह विवाह आमतौर पर शांत, सादा और सीमित लोगों की मौजूदगी में संपन्न होता है।

इसे भी पढ़ें- Bajrang Baan: बजरंग बाण पाठ से दूर होगी जीवन की सारी परेशानियां, जानिए इसके चमत्कारी लाभ