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धर्म डेस्क: साफ-सफाई को आमतौर पर सेहत और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन शास्त्रों में इसके कुछ नियम भी बताए गए हैं। वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार, कपड़े धोने का समय और दिन भी जीवन पर असर डालता है। अनजाने में की गई छोटी सी गलती घर में नकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक तंगी का कारण बन सकती है। खासतौर पर कुछ दिनों और रात के समय कपड़े धोना या सुखाना अशुभ माना गया है।

वास्तु शास्त्र और ज्योतिष में दैनिक कार्यों को लेकर कई नियम बताए गए हैं। इन्हीं में से एक है कपड़े धोने से जुड़ा नियम। मान्यताओं के अनुसार, हर दिन कपड़े धोना हमेशा शुभ नहीं होता। इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
शास्त्रों में सप्ताह के कुछ विशेष दिन बताए गए हैं, जिनमें कपड़े धोने से बचना चाहिए।
मंगलवार: यह दिन ऊर्जा और साहस का प्रतीक माना जाता है। इस दिन कपड़े धोने से घर में विवाद, तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
गुरुवार: गुरुवार भगवान विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित है। बृहस्पति को सुख, संपत्ति और संतान का कारक माना जाता है। इस दिन कपड़े धोने या साबुन का प्रयोग करने से गुरु कमजोर होता है, जिससे आर्थिक उन्नति में बाधा आ सकती है।
शनिवार: शनिवार शनि देव का दिन है। इस दिन गंदगी, तेल या पुराने कपड़ों से जुड़े कार्य सावधानी से करने चाहिए। मान्यता है कि इस दिन कपड़े धोने से शनि दोष बढ़ सकता है।
एकादशी और अमावस्या जैसी विशेष तिथियों पर कपड़े धोने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इन दिनों नकारात्मक प्रभाव जल्दी सक्रिय हो सकते हैं।
ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, सूर्यास्त के बाद कपड़े धोना या बाहर सुखाना अशुभ माना गया है। रात के समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा अधिक सक्रिय रहती है, जो कपड़ों के माध्यम से शरीर तक पहुंच सकती है। साथ ही, सूर्य की किरणें न मिलने से कपड़ों में मौजूद सूक्ष्म कीटाणु पूरी तरह नष्ट नहीं हो पाते, जिससे स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।