धर्म डेस्क। गणेश चतुर्थी के अवसर पर पूरे देश में बप्पा का स्वागत बड़े ही धूमधाम से होता है, लेकिन हैदराबाद की खैरताबाद गणेश प्रतिमा हर साल सुर्खियों में रहती है। यह प्रतिमा न केवल अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है बल्कि इसे भारत की सबसे ऊंची गणेश प्रतिमा कहा जाता है।
हर साल खैरताबाद गणेश मंडल गणपति बप्पा की विशाल प्रतिमा तैयार करता है। इस बार प्रतिमा की ऊंचाई लगभग 65 फीट होगी। इतनी विशाल प्रतिमा को देखने देश–विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। रंग-बिरंगे आभूषणों, मुकुट और आकर्षक सजावट से सजी यह प्रतिमा भक्तों को मंत्रमुग्ध कर देती है।
खैरताबाद गणेश प्रतिमा को बनाने की तैयारी गणेश चतुर्थी से करीब 2–3 महीने पहले शुरू हो जाती है। इस काम में कई कारीगर दिन-रात मेहनत करते हैं।
प्रतिमा बनाने में मिट्टी, प्लास्टर ऑफ पेरिस, लकड़ी, बांस और स्टील की रॉड्स का इस्तेमाल होता है ताकि इतनी ऊंचाई पर भी प्रतिमा सुरक्षित और मजबूत खड़ी रह सके। प्रतिमा बनाने में लाखों रुपए खर्च होते हैं और हर साल इसका डिजाइन अलग होता है।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लोग मानते हैं कि खैरताबाद गणेश की एक झलक मात्र से मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। गणेश चतुर्थी के दस दिनों में यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।
सबसे खास होता है महाप्रसाद लड्डू। यह विशाल लड्डू कई सौ किलो का होता है और प्रतिमा के हाथ में सजाया जाता है। विसर्जन के दिन भव्य जुलूस निकलता है जिसमें भक्तजन पूरे जोश और उत्साह से शामिल होते हैं।
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खैरताबाद गणेश केवल एक धार्मिक प्रतिमा नहीं बल्कि सांस्कृतिक धरोहर बन चुका है। हर साल इसका नया स्वरूप देखने को मिलता है और भक्त इसकी झलक पाने के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़े रहते हैं।