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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 20, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Mahabharat Katha in Hindi: महाभारत की कहानी से जानिए कैसे लोग स्वर्ग और नर्क में जाते हैं

Mahabharat Katha in Hindi: भगवान कृष्ण कहते हैं, 'सुखी जीवन जीने और स्वर्ग प्राप्त करने के लिए तपस्या और दान जैसे कुछ कार्य करने चाहिए। पुण्य कर्म करन...और पढ़ें

By Kushagra ValuskarEdited By: Kushagra Valuskar
Publish Date: Thu, 20 Oct 2022 02:22:01 PM (IST)Updated Date: Thu, 20 Oct 2022 02:22:01 PM (IST)
Mahabharat Katha in Hindi: महाभारत की कहानी से जानिए कैसे लोग स्वर्ग और नर्क में जाते हैं
Mahabharat Katha in Hindi: भगवान कृष्ण कहते हैं, 'सुखी जीवन जीने और स्वर्ग प्राप्त करने के लिए तपस्या और दान जैसे कुछ कार्य करने चाहिए। पुण्य कर्म करने से अनजाने में किए गए पाप भी नष्ट हो जाते हैं। इस प्रकार मनुष्य को नरक में नहीं जाना पड़ता।'

Mahabharat Katha in Hindi: महाभारत में अश्वमेधिकापर्व में युधिष्ठिर और भगवान श्रीकृष्ण के बीच बातचीत होती है। जिसमें कान्हा युधिष्ठिर को बताते हैं कि सुखी जीवन का रहस्य क्या है। मृत्यु के बाद कौन सा मनुष्य स्वर्ग या नरक को प्राप्त करता है। युधिष्ठकर भगवान कृष्ण से पूछते हैं कि लोग एक सुखी जीवन कैसे जीते हैं। वे कौन हैं जो निधन के बाद मोक्ष प्राप्त करते हैं। युधिष्ठिर के प्रश्न का उत्तर देते हुए श्रीकृष्ण एक श्लोक में बताते हैं।

भगवान कृष्ण कहते हैं, 'सुखी जीवन जीने और स्वर्ग प्राप्त करने के लिए तपस्या और दान जैसे कुछ कार्य करने चाहिए। पुण्य कर्म करने से अनजाने में किए गए पाप भी नष्ट हो जाते हैं। इस प्रकार मनुष्य को नरक में नहीं जाना पड़ता।'


दान को मनुष्य का सबसे बड़ा गुण माना जाता है। श्रीमद्भगवद गीता में यह कहा गया है कि जो जातक हमेशा जरूरतमंदों को दान करता है। दान का रिकॉर्ड नहीं रखता है या गुप्त दान करता है। वह पुण्य प्राप्त करता है। ऐसे व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। वह मृत्यु के बाद स्वर्ग को प्राप्त करता है।

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श्रीकृष्ण युधिष्ठिर से कहते हैं कि मनुष्य का मन चंचल है। वह इधर-उधर भटकता रहता है, लेकिन एक ऐसा व्यक्ति जिसका दिमाग नियंत्रित नहीं है और महत्वाकांक्षी है। वह अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए गलत काम कर सकता है। ऐसे व्यक्तियों को अपने कर्मों के कारण नरक भोगना पड़ता है। जो लोग मृत्यु के बाद स्वर्ग प्राप्त करना चाहते हैं। उन्हें अपने मन और इच्छा पर नियंत्रण रखना चाहिए।

भगवान कृष्ण युधिष्ठिर से कहते हैं कि सत्य बोलना भी मनुष्य के विशेष गुणों में से एक है। जो जातक जीवन भर सत्य के मार्ग पर चलता है और सत्य बोलता है। उसे ने केवल जीवन में सफलता मिलती है, बल्कि मृत्यु के बाद भी ऐसे व्यक्ति को स्वर्ग की प्राप्ति होती है।

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श्रीकृष्ण कहते हैं कि बहुत से लोग अपने व्यस्त जीवन के कारण तपस्या, ध्यान और पूजा नहीं करते हैं। अगर किसी व्यक्ति को स्वर्ग की इच्छा है, तो उसे प्रतिदिन ध्यान और तप करना चाहिए। जो लोग गलत काम करते हैं। हमेशा झूठ बोलते हैं। वे पाप के शिकार होते हैं। ऐसे मनुष्य को नर्क में स्थान मिलता है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'