
सनातन धर्म में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व है। वास्तु नियमों का पालन करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। वहीं, वास्तु नियमों की अनदेखी करने से घर में अस्थिरता आ जाती है। वास्तु शास्त्र का संबंध सिर्फ घर के निर्माण से नहीं होता है, बल्कि घर में किसी भी प्रकार की वस्तु रखने के लिए दिशाओं का ध्यान भी रखना पड़ता है। वास्तु नियमों के अनुसार घर में उपयोग होने वाले कूलर को भी रखने की सही दिशा के बारे में बताया गया है। आइये जानते हैं घर में कूलर किस दिशा में रखना चाहिए।
वास्तु शास्त्र के अनुसार बुध, राहु, शनि और चंद्रमा का संबंध कूलर से होता है। कूलर रखने की सही दिशा उत्तर-पूर्व या ईशान कोण माना गया है। इस दिशा में कूलर रखने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। यदि आप किन्हीं कारणों से कूलर को ईशान कोण में नहीं रख पा रहे हैं, तो इसे आप उत्तर-पश्चिम दिशा में भी रख सकते हैं। वहीं, कूलर को घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना हानिकारक हो सकता है। ऐसा करने से घर में वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है, जो घर के सदस्यों के लिए नुकसानदायक है। यदि फिर भी आप अपने कूलर को इस दिशा में रखना चाहते हैं तो इसके लिए आप अपने कूलर को हल्के गुलाबी रंग में रंग सकते हैं।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में सिल्वर, क्रीम या सफेद रंग के कूलर रखना शुभ होता है।
वास्तु नियमों के अनुसार घर में गहरा नीला, लाल, ग्रे रंग के कूलर का उपयोग नहीं करना चाहिए।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के अंदर किसी भी प्रकार के ख़राब इलेक्ट्रिक उपकरणों को रखने और उनके उपयोग करने से वास्तु दोष उत्पन्न होने की सम्भावना बताई गई है, इसलिए कूलर को लगाने से पहले निश्चित कर लें कि इसकी मोटर चल रही हो और यह पूरी तरह से ठीक स्थिति में हो।
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