Bhutadi Amavasya 2023: भूतड़ी अमावस्या कब है? जानें तिथि और क्या है इसका महत्व
Bhutadi Amavasya 2023: चैत्र अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या भी कहते हैं और इस बार मंगलवार को पड़ने के कारण यह भौमवती अमावस्या भी कहलाएगी। ...और पढ़ें
By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Tue, 14 Mar 2023 02:48:17 PM (IST)Updated Date: Tue, 14 Mar 2023 02:48:17 PM (IST)
Bhutadi Amavasya 2023 Bhutadi Amavasya 2023: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का महत्व बहुत अधिक होता है। इस तिथि पर लोग पूजा-पाठ, स्नान, दान व पितरों को तर्पण सहित धूप-ध्यान करते हैं। माना जाता है ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है व देवता भी प्रसन्न होते हैं। बता दें कि पंचांग के अनुसार हर महीने की कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि के दिन अमावस्या तिथि कहलाती है। सालभर में कुल 12 अमावस्या तिथि पड़ती है। सभी अमावस्या का अपना अलग महत्व व मान्यताएं हैं।
हिंदू कैलेंडर के अनुसार फिलहाल चैत्र महीना चल रहा है और हिंदू धर्म में इस माह का धार्मिक महत्व बहुत अधिक माना जाता है। इस महीने में पड़ने वाली अमावस्या भी बहुत मानी जाती है। जिसे भूतड़ी अमावस्या कहते हैं।
पितरों के तर्पण सहित करते हैं ये काम
इस अमावस्या पर पितरों का तर्पण किया जाता है साथ ही धार्मिक अनुष्ठान भी किये जाते हैं। भूतड़ी अमावस्या पर पवित्र नदी में स्नान, ब्राह्मण और गरीबों में दान, पितरों का तर्पण, व्रत और पूजा का विधान है। आइए जानते हैं इस साल कब पड़ रही है भूतड़ी अमावस्या?
भूतड़ी अमावस्या तिथि, मुहूर्त
चैत्र अमावस्या प्रारंभ: 20 मार्च 2023, रात 01 बजकर 47 मिनट से 21 मार्च 2023, रात 10 बजकर 53 मिनट तक। ज्योतिष के अनुसार इस दिन कई शुभ योग भी बन रह हैं, जिससे भूतड़ी अमावस्या का महत्व और भी ज्यादा माना जा रहा है। इस दिन शुभ, शुक्ल और सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है।
क्यों कहते हैं भूतड़ी अमावस्या?
चैत्र अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या भी कहते हैं और इस बार मंगलवार को पड़ने के कारण यह भौमवती अमावस्या भी कहलाएगी। दरअसल, इसे भूतड़ी अमावस्या इसलिए कहा जाता है क्योंकि भूत का अर्थ है नकारात्मक शक्तियां, कुछ अतृप्त आत्माएं अपनी अधूरी इच्छाएं पूरी करने के लिए जीवित लोगों पर अधिकार करने का प्रयास करती हैं और उग्र रूप धारण कर लेती हैं। इसी उग्रता को शांत करने के लिए नकरात्मक ऊर्जा से प्रभावित लोगों को शांत करने के लिए भूतड़ी अमावस्या पर पवित्र नदी में स्नान करवाया जाता है।