20 अक्टूबर विजयादशमी पर करें ये 10 अचूक उपाय! जानिए कैसे एक चुटकी सरसों और नारियल से चमकेगी किस्मत
20 अक्टूबर 2026 को मनाए जाने वाले विजयादशमी (दशहरा) के पावन अवसर पर शमी पूजा और अपराजिता पूजा का विशेष महत्व है। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, इस दिन ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 19 Oct 2026 02:00:10 PM (IST)Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 02:00:10 PM (IST)
विजयादशमी पर चांदी का हाथी दान करने मिलेगी सुख-समृद्धिHighLights
- विजयादशमी पर चांदी का हाथी दान करने मिलेगी सुख-समृद्धि
- करियर में तरक्की के लिए सिंघाड़े के आटे और मूली के उपाय
धर्म डेस्क। आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि यानी मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का महापर्व 'विजयादशमी' (दशहरा) पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन तिथि पर भगवान श्री राम ने लंकापति रावण का वध किया था और मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार किया था।
विजयादशमी एक सिद्ध और स्वयंसिद्ध अबुझ मुहूर्त है। इस दिन अपराजिता देवी, शमी वृक्ष (आपटा) और नीलकंठ पक्षी के दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व है। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, विजयादशमी के दिन किए गए कुछ खास ज्योतिषीय और शास्त्रीय उपायों से जीवन के समस्त आर्थिक और मानसिक संकट दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि और नौकरी में तरक्की मिलती है।
आइए जानते हैं दशहरा के दिन किए जाने वाले 10 अचूक उपाय-
विजयादशमी (दशहरा) के 10 खास ज्योतिषीय उपाय
- करियर में नए मुकाम और सफलता के लिए- दशहरा के दिन एक चुटकी पीली/काली सरसों के दाने लेकर बहते हुए जल (नदी या स्वच्छ नहर) में प्रवाहित करें। इससे नौकरी और व्यापार की रुकावटें दूर होती हैं।
- नौकरी में मनचाहा प्रमोशन पाने के लिए- विजयादशमी के दिन सिंघाड़े के आटे की रोटियां बनाएं। उन रोटियों के ऊपर 2 मूली रखकर मंदिर में किसी जरूरतमंद या पुजारी को दान कर दें।
- आत्मविश्वास (Self-Confidence) में वृद्धि के लिए- यदि आपमें निर्णय लेने की क्षमता या आत्मविश्वास की कमी महसूस होती है, तो दशहरा के दिन सरसों के तेल की एक भरी हुई शीशी मंदिर में दान करें।
- पारिवारिक खुशहाली और क्लेश शांति के लिए- यदि परिवार की सुख-शांति भंग हो गई है, तो दशहरा के दिन सफेद चंदन को घिसकर पेस्ट बनाएं और उस चंदन का तिलक परिवार के सभी सदस्यों के माथे पर लगाएं।
- मानसिक परेशानी और तनाव से मुक्ति के लिए- यदि लंबे समय से मानसिक तनाव या अवसाद (Depression) चल रहा हो, तो दशहरा के दिन प्रातः स्नान के बाद घर के पूजा स्थल पर चंदन की खुशबू वाली धूपबत्ती प्रज्वलित करें।
- आकर्षक व्यक्तित्व और ग्रह शांति के लिए- अपने व्यक्तित्व को मजबूत और प्रभावशाली बनाने के लिए विजयादशमी के दिन मंदिर में एक कच्चा, जटा वाला नारियल दान करें।
- दृढ़ संकल्प और विचारों को मजबूत करने के लिए- अपने विचारों में स्पष्टता और निर्णय क्षमता बढ़ाने के लिए दशहरा के दिन चांदी का एक छोटा-सा हाथी लाकर अपने घर की उत्तर या पूर्व दिशा में रखें।
- जीवन में हर तरह के सुख-साधन प्राप्त करने के लिए- भौतिक सुख-सुविधाओं और धन-धान्य की वृद्धि के लिए दशहरा के दिन किसी मंदिर में सिंघाड़े का आटा (या फलाहारी सामग्री) दान करें।
- स्मरण शक्ति और बुद्धिमत्ता बढ़ाने के लिए- दशहरा की रात सोते समय अपने सिरहाने (तकिए के पास) चंदन का एक टुकड़ा रखकर सोएं। अगली सुबह उठकर उस चंदन के टुकड़े को किसी मंदिर या धार्मिक स्थल पर दान कर दें।
ज्ञान, नई भाषाएं और विद्या सीखने के लिए- दशहरा के दिन शमी (आपटा) के पेड़ की विधिवत पूजा करें और हाथ जोड़कर प्रणाम करें। (यदि आसपास शमी का पेड़ न मिले, तो उसकी तस्वीर का दर्शन कर प्रणाम करें)। नीलकंठ पक्षी के दर्शन का महत्व
हिंदू धर्म शास्त्रों में दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी का दिखना अत्यंत शुभ और भाग्यशाली माना गया है। मान्यता है कि भगवान श्री राम ने रावण पर विजय प्राप्त करने से पूर्व नीलकंठ पक्षी के दर्शन किए थे। इस दिन नीलकंठ के दर्शन से सालभर कार्यों में सफलता और आरोग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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