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20 या 21 अक्टूबर... कब है दशहरा? दूर हुआ तारीखों का भ्रम! जानिए अपने शहर में कब होगा रावण दहन

साल 2026 में विजयादशमी की तारीख को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के बीच पंचांग के अनुसार उत्तर और मध्य भारत में मुख्य दशहरा 20 अक्टूबर (मंगलवार) को मनाया ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Akriti kumari
Publish Date: Mon, 19 Oct 2026 11:13:52 AM (IST)Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 11:13:52 AM (IST)
20 या 21 अक्टूबर... कब है दशहरा? दूर हुआ तारीखों का भ्रम! जानिए अपने शहर में कब होगा रावण दहन
20 अक्टूबर को उत्तर भारत और 21 अक्टूबर को पूर्वी भारत में दशहरा

HighLights

  1. 20 अक्टूबर को उत्तर भारत और 21 अक्टूबर को पूर्वी भारत में दशहरा
  2. 20 अक्टूबर को दोपहर 1:59 से 2:45 बजे तक रहेगा विजयादशमी का मुहूर्त
  3. 20 अक्टूबर की शाम 5:47 बजे से 6:12 बजे तक रहेगा रावण दहन का समय

धर्म डेस्क। साल 2026 में विजयादशमी (दशहरा) की सही तारीख को लेकर श्रद्धालुओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। क्षेत्रीय पंचांगों, उदयातिथि और अपराह्न काल के पूजा विधानों में भिन्नता के कारण 20 अक्टूबर (मंगलवार) और 21 अक्टूबर (बुधवार) दोनों तिथियों का महत्व है।

शास्त्र सम्मत पंचांगीय गणना के अनुसार, उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में मुख्य दशहरा एवं रावण दहन 20 अक्टूबर को होगा, जबकि बंगाल, ओडिशा और पूर्वी भारत की बंगाली दुर्गा पूजा परंपरा के अनुसार विजयादशमी और प्रतिमा विसर्जन 21 अक्टूबर को संपन्न होगा।


आइए जानते हैं दशमी तिथि की सटीक समयावधि, पूजा के शुभ मुहूर्त, रावण दहन का समय और शस्त्र पूजा का महत्व-

दशमी तिथि और नक्षत्र की समयावधि

  • दशमी तिथि का आरंभ: मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:50 बजे से।
  • दशमी तिथि का समापन: बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को दोपहर 02:11 बजे तक।
  • श्रवण नक्षत्र: सोमवार, 19 अक्टूबर को दोपहर 03:38 बजे से 20 अक्टूबर की शाम 06:02 बजे तक।

20 vs 21 अक्टूबर: क्यों है तारीखों में अंतर?

शास्त्रीय नियमानुसार, दशहरे का निर्धारण अपराह्न काल (दोपहर) में दशमी तिथि की उपस्थिति के आधार पर किया जाता है। 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे के बाद अपराह्न काल में दशमी तिथि होने के कारण मुख्य दशहरा, शस्त्र पूजन और रावण दहन 20 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा। (हालांकि, धार्मिक मान्यता के कारण मंगलवार को मां दुर्गा की विदाई/विसर्जन न करके विसर्जन 21 अक्टूबर (बुधवार) को होगा)।

बंगाल और पूर्वी भारत में उदयातिथि (सूर्योदय कालीन तिथि) को प्राथमिकता दी जाती है। 21 अक्टूबर को सूर्योदय के समय दशमी तिथि होने के कारण वहां 21 अक्टूबर को विजयादशमी और 'सिंदूर खेला' का उत्सव मनाया जाएगा।

दशहरा 2026 पूजा के शुभ मुहूर्त (20 अक्टूबर)

नई दिल्ली और उत्तर भारत पंचांग के अनुसार 20 अक्टूबर को पूजन के मुख्य मुहूर्त-

  • विजय मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ पूजन समय): दोपहर 01:59 बजे से 02:45 बजे तक।
  • अपराह्न पूजा मुहूर्त: दोपहर 01:14 बजे से 03:30 बजे तक।
  • अपराजिता देवी पूजा मुहूर्त: दोपहर 01:14 बजे से 03:30 बजे तक।
  • आयुध (शस्त्र) पूजा मुहूर्त: दोपहर 01:59 बजे से 02:45 बजे तक।

रावण दहन का सर्वोत्तम समय (20 अक्टूबर)

शास्त्रों के अनुसार, रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन प्रदोष काल के दौरान किया जाता है-

  • प्रदोष काल का समय: 20 अक्टूबर को सायं 05:47 बजे से रात 08:17 बजे तक।
  • रावण दहन का सर्वोत्तम मुहूर्त: 20 अक्टूबर, सायं 05:47 बजे से 06:12 बजे तक (25 मिनट की अति-शुभ अवधि)।

शस्त्र पूजा, शमी पूजन और विजयादशमी का धार्मिक महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्री राम ने लंकापति रावण का वध किया था तथा मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार किया था। इस दिन विजय की प्राप्ति के लिए अपने अस्त्र-शस्त्र, वाहनों, कलम, पुस्तकों और व्यापारिक औजारों की पूजा की जाती है।

इस दिन शमी (आपटा) के पत्तों का पूजन कर एक-दूसरे को 'सोना' समझकर बांटने की परंपरा है, जो समृद्धि और सद्भाव का प्रतीक है।

विजयादशमी एक अबूझ मुहूर्त है, अतः इस दिन बच्चों का विद्यारंभ (अक्षर ज्ञान), संगीत शिक्षा या किसी नए व्यापार/कार्य का शुभारंभ करना अत्यंत शुभ माना जाता है

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