धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है। इस दिन बजरंगबली के भक्त सच्चे मन से संकटमोचन हनुमान जी की पूजा-अर्चना और व्रत करते हैं। इस दिन हनुमान जी के दर्शन के लिए मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं।
ऐसी मान्यता है कि हनुमान चालीसा का नियमित रूप से पाठ करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और साधक पर अपनी कृपा बरसाते हैं। तुलसीदास जी द्वारा रचित हनुमान चालीसा एक लोकप्रिय कृति है, जिसका अगर नियमों के अनुसार पाठ किया जाए तो इससे बजरंगबली जी की कृपा बनी रहती है। आइए जानते हैं हनुमान चालीसा पाठ के नियम।
हनुमान चालीसा का पाठ करने से पहले नहाकर साफ-सुथरे कपड़े पहनें। पाठ शुरू करने से पहले भगवान श्रीराम का आह्वान करें। सीधे हनुमान चालीसा का पाठ शुरू न करें और सबसे पहले दोहे का पाठ करें। पाठ के समय अपने पास एक पात्र में पानी भरकर रखें और पाठ पूरा होने पर इस पानी को ग्रहण करें।
हनुमान चालीसा के पाठ के लिए हमेशा साफ-सुथरे और शांत स्थान को चुनें, ताकि आप ध्यानपूर्वक पाठ कर सकें। इस दौरान कोशिश करें कि अपने मन में किसी तरह का नकारात्मक भाव न आए। हनुमान चालीसा के पाठ के दौरान शुद्धता का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।
हनुमान चालीसा के पाठ में कभी भी तरह की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और न ही उसका गलत उच्चारण करना चाहिए। हनुमान चालीसा के पाठ के दौरान आपका मन बिल्कुल शांत होना चाहिए, तभी आपको इसके शुभ परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा कोशिश करनी चाहिए कि तेज स्वर में हनुमान चालीसा का पाठ न हो। अगर आप इन सभी बातों का ध्यान रखेंगे तो आपको जीवन में इसके अद्भुत परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
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