• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • धर्म
  • विधि / उपाय

विवाह में नहीं आएगी बाधा, बढ़ेगी सुख-समृद्धि… बस इस शारदीय नवरात्र में करें मां दुर्गा के इन 7 सिद्ध मंत्रों का जाप

नवरात्र के पावन अवसर पर मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना के साथ-साथ उनके शक्तिशाली मंत्रों का जाप बेहद फलदायी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसा...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Akriti kumari
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 06:53:22 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 06:53:22 PM (IST)
विवाह में नहीं आएगी बाधा, बढ़ेगी सुख-समृद्धि… बस इस शारदीय नवरात्र में करें मां दुर्गा के इन 7 सिद्ध मंत्रों का जाप
विवाह बाधा से लेकर रोग नाश तक के लिए 7 विशेष मंत्र

HighLights

  1. विवाह बाधा से लेकर रोग नाश तक के लिए 7 विशेष मंत्र
  2. धन, ऐश्वर्य और मनोकामना पूर्ति के प्रभावशाली उपाय
  3. छात्रों की एकाग्रता और पढ़ाई के लिए ध्यान मंत्र

धर्म डेस्क। शारदीय नवरात्र (11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026) के पावन अवसर पर आदिशक्ति मां भगवती के विभिन्न स्वरूपों की आराधना का विधान है। सनातन धर्मशास्त्रों के अनुसार, नवरात्र में कलश स्थापना और पूजन के साथ-साथ यदि मां दुर्गा के सिद्ध मंत्रों का विधि-विधान और सच्चे मन से जाप किया जाए, तो साधक के जीवन के समस्त दुखों, असाध्य रोगों, दरिद्रता और गुप्त शत्रुओं का अंत हो जाता है।

आइए जानते हैं जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता और ऐश्वर्य प्राप्ति के लिए मां दुर्गा के 7 महामंत्र और उनके जाप के विशेष लाभ-

विवाह बाधा निवारण मंत्र (शीघ्र विवाह हेतु)

यदि किसी जातक के विवाह में अकारण देरी हो रही हो या योग्य जीवनसाथी मिलने में रुकावटें आ रही हों, तो नवरात्र के नौ दिनों तक प्रतिदिन मां दुर्गा के समक्ष दीपक जलाकर इस मंत्र की कम से कम 1 माला (108 बार) जाप करें:


मंत्र: "ॐ क्रीं क्लीं विवाह बाधा निवारणाय फट्॥"

लाभ: विवाह के मार्ग की समस्त अड़चनें दूर होती हैं और योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।

असाध्य रोग एवं भय नाशक मंत्र (आरोग्य प्राप्ति हेतु)

दीर्घकालिक बीमारियों, शारीरिक कष्टों और मानसिक अवसाद (स्ट्रेस) से मुक्ति के लिए पूजन के समय इस मंत्र का जाप अत्यंत प्रभावशाली माना गया है:

मंत्र: "ॐ ह्रीं नमो भगवती रोग नाशाय ह्रीं ॐ फट्॥"

लाभ: मां दुर्गा की कृपा से असाध्य रोगों का नाश होता है और साधक को उत्तम स्वास्थ्य और निरोगी काया का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

कंचन महालक्ष्मी मंत्र (धन, वैभव और ऐश्वर्य प्राप्ति हेतु)

आर्थिक तंगी, व्यापार में घाटा या घर की दरिद्रता को दूर करने के लिए महालक्ष्मी रूप में मां भगवती के इस मंत्र का जाप करना चाहिए:

मंत्र: "ॐ ह्रीं कमले मोक्षं साधय ऐश्वर्यं देहि श्रीं ॐ नमः॥"

लाभ: धन-धान्य में निरंतर वृद्धि होती है, आय के नए स्रोत खुलते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य का आगमन होता है।

सरस्वती/वाग्देवी मंत्र (विद्या और एकाग्रता हेतु)

विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह मंत्र किसी वरदान से कम नहीं है:

मंत्र: "ॐ ऐं वाग्देव्यै वरदायै ॐ नमः॥"

लाभ: स्मरण शक्ति (Memory) तीव्र होती है, पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ती है और शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट सफलता मिलती है।

सर्व मनोकामना पूर्ति मंत्र (इच्छा सिद्धि हेतु)

यदि आपकी कोई विशेष मनोकामना या संकल्प अटका हुआ है, तो नवरात्र के दौरान प्रतिदिन सुबह-शाम 11 या 21 बार इस मंत्र का जाप करें-

मंत्र: "ॐ क्लीं हुं मातंग्यै मनोवांछितं सिद्धयै फट्॥"

लाभ: साधक के मन की सभी जायज और सात्विक इच्छाएं और संकल्प शीघ्र पूरे होते हैं।

शत्रु नाशक और कोर्ट-कचहरी विवाद शांति मंत्र

अदृश्य शत्रुओं, विरोधियों की चालबाज़ियों या कानूनी विवादों से परेशान लोगों को नवरात्र में इस मंत्र का नियमित जाप करना चाहिए-

मंत्र: "ॐ ह्लीं शत्रू नाशाय फट्॥"

लाभ: शत्रुओं का प्रभाव समाप्त होता है, मुकदमों में सफलता मिलती है और भय और असुरक्षा की भावना दूर होती है।

मां दुर्गा का सिद्ध ध्यान मंत्र (मानसिक शांति और मेधा हेतु)

विद्यार्थियों और साधकों के लिए मां दुर्गा का यह पौराणिक ध्यान श्लोक अति-कल्याणकारी है:

"ॐ जटा-जूट-समायुक्तमर्धेन्दु-कृत-लक्षणाम्।"

"लोचनत्रय-संयुक्तां पद्मेन्दुसद्यशाननाम्॥"

लाभ: प्रतिदिन कम से कम 11 बार इस श्लोक का उच्चारण करने से मानसिक स्पष्टता, प्रखर बुद्धि, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का विकास होता है।

जाप के दौरान रखें इन बातों का ध्यान

  • पवित्रता: जाप के पूर्व स्नान कर स्वच्छ (लाल या पीले) वस्त्र धारण करें।
  • आसन और माला: कुशा या लाल ऊनी आसन पर बैठकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके 'रुद्राक्ष' या 'कमलगट्टे' की माला से जाप करें।
  • भाव: मंत्रोच्चारण में स्पष्टता और मन में मां जगदम्बा के प्रति पूर्ण समर्पण का भाव होना आवश्यक है।

यह भी पढ़ें- दशहरे के दिन सीधी होगी मां काली की गर्दन, बाकी वक्त 45 डिग्री झुकी हुई, जानें इस नवरात्रि कैसे करें MP के इस अलौकिक मंदिर के दर्शन