
धर्म डेस्क। नवरात्रि का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। इन नौ दिनों में देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों की शांति और उनके शुभ फल पाने के लिए नवरात्रि में कुछ खास उपाय किए जाते हैं। माना जाता है कि हर ग्रह का इंसान की ज़िंदगी पर अलग-अलग असर होता है। इसलिए ज्योतिष में जानकारी दी गई है कि किस ग्रह के लिए किस देवी की पूजा करनी चाहिए।
सूर्य से जुड़ी समस्याओं के लिए देवी के शक्ति रूप की पूजा करनी चाहिए। साथ ही, सुबह सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। चंद्रमा से जुड़ी समस्याओं के लिए महागौरी या गौरी रूप की पूजा करनी चाहिए। देवी को सफेद फूल चढ़ाने चाहिए और नाम का जाप करना चाहिए।
मंगल ग्रह से जुड़ी समस्याओं, भाई-बहनों के बीच झगड़े या काम में रुकावटों के लिए देवी दुर्गा या चामुंडा की पूजा करनी चाहिए। नवरात्रि में ओम दुम दुर्गायै नमः मंत्र का जाप करें। बुध ग्रह से जुड़ी समस्याओं के लिए देवी महासरस्वती की पूजा करें।
अगर बृहस्पति ग्रह से जुड़ी समस्याओं के कारण पढ़ाई या शादी में रुकावटें आ रही हैं, तो देवी कात्यायनी या महासरस्वती की पूजा करें। हर गुरुवार को देवी को पीले फूल चढ़ाएं और ज़रूरतमंदों को पीली मिठाई बांटें। शुक्र ग्रह से जुड़ी समस्याओं के लिए देवी महालक्ष्मी की पूजा करें।
हर दिन देवी के सामने दीया जलाएं और श्री सूक्त का 16 बार पाठ करें। शनि ग्रह से जुड़ी समस्याओं के लिए देवी महाकाली या काली देवी की पूजा करें और शनिवार को तिल के तेल का दीया जलाएं।
राहु ग्रह से जुड़ी समस्याओं के लिए देवी काली या चामुंडा का नाम लें, जबकि केतु ग्रह से जुड़ी समस्याओं के लिए देवी दुर्गा और गणेश की पूजा करें।
इसके अलावा श्री दुर्गादेव्यै नमः मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। ये उपाय धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। अगर आपको मानसिक या शारीरिक समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह लें।