
मैहर। विंध्य क्षेत्र की धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र मैहर स्थित मां शारदा मंदिर में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर भक्ति और उल्लास का वातावरण है। त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो जाता है। मंदिर परिसर में जय माता दी के जयकारे गूंज रहे हैं। भक्त माता के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और उन्नति की कामना कर रहे हैं।
मां शारदा मंदिर केवल मैहर ही नहीं, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। मां शारदा को विद्या, बुद्धि और ज्ञान की देवी के रूप में पूजा जाता है। यही वजह है कि विद्यार्थी, शिक्षक और शिक्षा से जुड़े लोग भी माता के दरबार में आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता की आराधना से ज्ञान, विवेक और शक्ति प्राप्त होती है।
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त्रिकूट पर्वत पर स्थित यह मंदिर अपनी प्राचीन धार्मिक परंपराओं और आस्था के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि आल्हा-ऊदल भी मां शारदा के परम भक्त थे। इस लोकविश्वास ने मंदिर की धार्मिक पहचान को और विशिष्ट बनाया है। नवरात्रि में यहां विशेष पूजा-अर्चना, आरती और माता का आकर्षक श्रृंगार किया जाता है।
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नवरात्रि के दिनों में मंदिर मार्ग से लेकर मैहर के बाजारों तक श्रद्धालुओं की चहल-पहल दिखाई देती है। कोई पैदल सीढ़ियां चढ़कर माता के दरबार पहुंचता है, तो कोई रोपवे से दर्शन के लिए जाता है। आस्था, परंपरा और भक्ति का यह संगम मैहर को नवरात्रि के प्रमुख धार्मिक स्थलों में विशेष स्थान दिलाता है।