जबलपुर में नवरात्र की धूम, अष्टमी-नवमी पर घर में करें हवन; राशि के अनुसार करें देवी आराधना
ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ दुबे के अनुसार, मां दुर्गा के बीज मंत्र के जाप के साथ हवन कर भक्त नवरात्र की साधना को पूर्ण कर सकते हैं।
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 11:05:36 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 11:05:36 PM (IST)
मान्यता है कि हवन के माध्यम से देवी उपासना को पूर्णता प्रदान की जाती है। सौजन्य सोशल मीडियाHighLights
- तरूरी नहीं कि किसी विशेष अनुष्ठान स्थल पर ही जाएं
- बीज मंत्रों से परिवार सहित हवन से पूर्ण करें साधना
- ज्योतिषाचार्य पं. सौरभ दुबे ने बताई सरल विधि
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शक्ति की आराधना के महापर्व शारदीय नवरात्र में अष्टमी और नवमी तिथि पर हवन का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि हवन के माध्यम से देवी उपासना को पूर्णता प्रदान की जाती है।
घर में भी परिवार के साथ श्रद्धा से हवन करें
जरूरी नहीं कि भक्त मंदिर या किसी विशेष अनुष्ठान स्थल पर ही जाएं। घर में भी परिवार के सदस्यों के साथ श्रद्धा और विधि-विधान से हवन किया जा सकता है।
मां दुर्गा के बीज मंत्र से करें हवन
ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ दुबे के अनुसार, मां दुर्गा के बीज मंत्र के जाप के साथ हवन कर भक्त नवरात्र की साधना को पूर्ण कर सकते हैं। नवरात्र हवन में मां दुर्गा के इस मंत्र का 108 बार जाप करने की परंपरा है।
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै नमः।
हवन के दौरान श्रद्धापूर्वक मंत्रोच्चार करते हुए आहुति अर्पित की जाती है। घर पर हवन करते समय स्वच्छता, अग्नि सुरक्षा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा-विधान का ध्यान रखना चाहिए।
राशि के अनुसार देवी आराधना का विधान
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, राशि के अनुरूप देवी स्वरूप की उपासना और मंत्र जाप को साधना का एक विशेष क्रम माना गया है। पं. सौरभ दुबे द्वारा बताए गए राशि आधारित उपासना क्रम में देवी के विभिन्न स्वरूपों की आराधना का उल्लेख है।
- मेष राशि: मां तारा, नील सरस्वती अथवा मां शैलपुत्री की साधना।
- वृषभ राशि: मां षोडशी (श्री विद्या) अथवा मां ब्रह्मचारिणी की उपासना।
- मिथुन राशि: मां भुवनेश्वरी अथवा मां चंद्रघंटा की आराधना।
- कर्क राशि: मां कमला अथवा मां सिद्धिदात्री की उपासना।
- सिंह राशि: मां पीतांबरा अथवा मां कालरात्रि की साधना।
- कन्या राशि: मां भुवनेश्वरी अथवा मां चंद्रघंटा की आराधना।
- तुला राशि: मां षोडशी (श्री विद्या) अथवा मां ब्रह्मचारिणी की उपासना।
- वृश्चिक राशि: मां तारा अथवा मां शैलपुत्री की साधना।
- धनु राशि: मां कमला अथवा मां सिद्धिदात्री की आराधना।
- मकर राशि: मां काली अथवा मां सिद्धिदात्री की उपासना।
- कुंभ राशि: मां काली अथवा मां सिद्धिदात्री की साधना।
- मीन राशि: मां कमला अथवा मां सिद्धिदात्री की आराधना।
श्रद्धा और संकल्प है साधना का आधार
नवरात्र का हवन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि परिवार के साथ बैठकर शक्ति, सद्बुद्धि और सकारात्मक संकल्प का स्मरण करने का अवसर भी है। भक्त अपनी कुल परंपरा, गुरु के निर्देश और सामर्थ्य के अनुसार पूजा कर सकते हैं।
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