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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sankashti Chaturthi 2025: भगवान गणेश के इन 108 मंत्रों का करें जप, मनचाही इच्छा होगी पूरी

वैदिक पंचांग के अनुसार, बुधवार, 10 सितंबर 2025 को विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी का पावन पर्व मनाया जाएगा। यह दिन भगवान गणेश की विशेष आराधना और चतुर्थी व्रत...और पढ़ें

By Himadri Singh HadaEdited By: Himadri Singh Hada
Publish Date: Tue, 09 Sep 2025 02:36:51 PM (IST)Updated Date: Tue, 09 Sep 2025 02:37:13 PM (IST)
Sankashti Chaturthi 2025: भगवान गणेश के इन 108 मंत्रों का करें जप, मनचाही इच्छा होगी पूरी
Sankashti Chaturthi 2025

HighLights

  1. यहां पढ़ें संकष्टी चतुर्थी व्रत का महत्व।
  2. श्री गणेश को प्रसन्न करने का उपाय।
  3. गणपति के 108 नामों का करें जप।

धर्म डेस्क। वैदिक पंचांग के अनुसार, बुधवार, 10 सितंबर 2025 को विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी का पावन पर्व मनाया जाएगा। यह दिन भगवान गणेश की विशेष आराधना और चतुर्थी व्रत के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर और विधि-विधान से पूजा करके गणपति बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

संकष्टी चतुर्थी व्रत का महत्व

धार्मिक मान्यता है कि संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से जीवन में आने वाली सभी बाधाएँ दूर होती हैं। साधक को भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है और आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है। इस व्रत से घर-परिवार में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।


भगवान गणेश को प्रसन्न करने का उपाय

अगर आप भी इस व्रत के शुभ फल पाना चाहते हैं, तो भक्ति भाव से गणेश जी की पूजा करें। पूजा के समय दीप प्रज्वलित करें, गणपति को दूर्वा, मोदक और लाल फूल अर्पित करें। इसके साथ ही गणेश मंत्रों का जप अवश्य करें। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, मंत्र-जप से भगवान गणेश शीघ्र प्रसन्न होते हैं और साधक की मनोकामना पूरी करते हैं।

गणपति जी के 108 नाम

1. ॐ गजाननाय नमः

2. ॐ गणाध्यक्षाय नमः

3. ॐ विघ्नराजाय नमः

4. ॐ विनायकाय नमः

5. ॐ द्वैमातुराय नमः

6. ॐ द्विमुखाय नमः

7. ॐ प्रमुखाय नमः

8. ॐ सुमुखाय नमः

9. ॐ कृतिने नमः

10. ॐ ब्रह्मचारिणे नमः

11. ॐ ब्रह्मरूपिणे नमः

12. ॐ ब्रह्मविद्यादि दानभुवे नमः

13. ॐ जिष्णवे नमः

14. ॐ विष्णुप्रियाय नमः

15. ॐ भक्त जीविताय नमः

16. ॐ जितमन्मधाय नमः

17. ॐ सुप्रदीपाय नमः

18. ॐ सुखनिधये नमः

19. ॐ सुराध्यक्षाय नमः

20. ॐ सुरारिघ्नाय नमः

21. ॐ महागणपतये नमः

22. ॐ मान्याय नमः

23. ॐ महाकालाय नमः

24. ॐ महाबलाय नमः

25. ॐ हेरम्बाय नमः

26. ॐ लम्बजठरायै नमः

27. ॐ ह्रस्व ग्रीवाय नमः

28. ॐ महोदराय नमः

29. ॐ मदोत्कटाय नमः

30. ॐ महावीराय नमः

31. ॐ मन्त्रिणे नमः

32. ॐ मङ्गल स्वराय नमः

33. ॐ प्रमधाय नमः

34. ॐ प्रथमाय नमः

35. ॐ प्राज्ञाय नमः

36. ॐ विघ्नकर्त्रे नमः

37. ॐ विघ्नहर्त्रे नमः

38. ॐ बल नमः

39. ॐ बलोत्थिताय नमः

40. ॐ भवात्मजाय नमः

41. ॐ पुराण पुरुषाय नमः

42. ॐ पूष्णे नमः

43. ॐ पुष्करोत्षिप्त वारिणे नमः

44. ॐ अग्रगण्याय नमः

45. ॐ अग्रपूज्याय नमः

46. ॐ अग्रगामिने नमः

47. ॐ मन्त्रकृते नमः

48. ॐ चामीकरप्रभाय नमः

49. ॐ सर्वाय नमः

50. ॐ सर्वोपास्याय नमः

51. ॐ सर्व कर्त्रे नमः

52. ॐ सर्वनेत्रे नमः

53. ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः

54. ॐ सिद्धये नमः

55. ॐ पञ्चहस्ताय नमः

56. ॐ पार्वतीनन्दनाय नमः

57. ॐ प्रभवे नमः

58. ॐ कुमारगुरवे नमः

59. ॐ अक्षोभ्याय नमः

60. ॐ कुञ्जरासुर भञ्जनाय नमः

61. ॐ प्रमोदाय नमः

62. ॐ मोदकप्रियाय नमः

63. ॐ गम्भीर निनदाय नमः

64. ॐ वटवे नमः

65. ॐ अभीष्टवरदाय नमः

66. ॐ ज्योतिषे नमः

67. ॐ भक्तनिधये नमः

68. ॐ भावगम्याय नमः

69. ॐ मङ्गलप्रदाय नमः

70. ॐ अव्यक्ताय नमः

71. ॐ अप्राकृत पराक्रमाय नमः

72. ॐ सत्यधर्मिणे नमः

73. ॐ सखये नमः

74. ॐ सरसाम्बुनिधये नमः

75. ॐ महेशाय नमः

76. ॐ दिव्याङ्गाय नमः

77. ॐ मणिकिङ्किणी मेखालाय नमः

78. ॐ समस्त देवता मूर्तये नमः

79. ॐ सहिष्णवे नमः

80. ॐ सततोत्थिताय नमः

81. ॐ विघातकारिणे नमः

82. ॐ विश्वग्दृशे नमः

83. ॐ विश्वरक्षाकृते नमः

84. ॐ कल्याणगुरवे नमः

85. ॐ उन्मत्तवेषाय नमः

86. ॐ अपराजिते नमः

87. ॐ समस्त जगदाधाराय नमः

88. ॐ सर्वैश्वर्यप्रदाय नमः

89. ॐ आक्रान्त चिद चित्प्रभवे नमः

90. ॐ श्री विघ्नेश्वराय नमः

91. ॐ विश्वनेत्रे नमः

92. ॐ विराट्पतये नमः

93. ॐ श्रीपतये नमः

94. ॐ वाक्पतये नमः

95. ॐ शृङ्गारिणे नमः

96. ॐ अश्रितवत्सलाय नमः

97. ॐ शिवप्रियाय नमः

98. ॐ शीघ्रकारिणे नमः

99. ॐ शाश्वताय नमः

100. ॐ कान्तिमते नमः

101. ॐ धृतिमते नमः

102. ॐ कामिने नमः

103. ॐ कपित्थपनसप्रियाय नमः

104. ॐ ऐश्वर्यकारणाय नमः

105. ॐ ज्यायसे नमः

106. ॐ यक्षकिन्नेर सेविताय नमः

107. ॐ गङ्गा सुताय नमः

108. ॐ गणाधीशाय नमः