
धर्म डेस्क। हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता और कर्मफलदाता शनिदेव को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन दान-पुण्य करने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
हालांकि, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिवार को दान करने के कुछ कड़े नियम हैं। यदि अनजाने में गलत चीजों का दान किया जाए, तो शनिदेव प्रसन्न होने के बजाय रुष्ट हो सकते हैं, जिससे व्यक्ति को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, शनिवार को कुछ विशिष्ट वस्तुओं का दान वर्जित माना गया है-
नमक और धारदार वस्तुएं - शनिवार को नमक का दान करना अशुभ माना जाता है। इसके अलावा, कैंची, चाकू या सुई जैसी नुकीली और धारदार चीजों का दान करने से भी बचना चाहिए। माना जाता है कि इससे पारिवारिक रिश्तों में तनाव और धन की हानि हो सकती है।
पुराने जूते-चप्पल - हालांकि जूतों का दान शनि दोष निवारण के लिए श्रेष्ठ है, लेकिन ध्यान रहे कि दान किए जाने वाले जूते फटे या अत्यंत पुराने न हों। ऐसे दान से शनिदेव की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है।
प्लास्टिक और कांच - शनिवार के दिन प्लास्टिक या कांच से बनी वस्तुओं का दान करना भी शुभ नहीं माना जाता है।
शनिवार को सरसों के तेल का दान सबसे प्रभावशाली माना गया है, लेकिन इसमें एक बड़ी सावधानी जरूरी है। यदि आप इस्तेमाल किया हुआ या जूठा तेल दान करते हैं, तो इसका कोई पुण्य फल नहीं मिलता। उल्टा, घर में दरिद्रता का वास हो सकता है और आपको नकारात्मक परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
शनिदेव को प्रसन्न करने और कुंडली में शनि की स्थिति मजबूत करने के लिए निम्नलिखित वस्तुओं का दान अत्यंत फलदायी माना जाता है-
लोहे की वस्तुएं - शनिवार को लोहे का दान शनि दोष को कम करता है।
काली उड़द और काले तिल - इनका दान राहु-केतु और शनि के प्रतिकूल प्रभाव को शांत करता है।
सरसों का तेल - ताजे सरसों के तेल का दान (विशेषकर छाया पात्र दान) अत्यंत शुभ है।
अन्न और वस्त्र - अपनी क्षमतानुसार गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन कराना या काले वस्त्र भेंट करना सुख-समृद्धि लेकर आता है।
विशेष टिप - दान हमेशा निस्वार्थ भाव से और शुद्ध मन से करना चाहिए। गलत तरीके से किया गया दान पुण्य के बजाय पाप का भागी बना सकता है।