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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sawan 2024 Abhishek: भगवान शिव को प्रिय है पंचामृत, सावन में करें भोलेनाथ का अभिषेक, होंगे प्रसन्न

पंचामृत पांच पवित्र चीजों से बनाया जाता है। इसे बनाने के लिए दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का इस्तेमाल किया जाता है। इसका प्रयोग भगवान के अभिषेक के लिए ह...और पढ़ें

By Ekta SharmaEdited By: Ekta Sharma
Publish Date: Mon, 22 Jul 2024 11:10:01 AM (IST)Updated Date: Mon, 22 Jul 2024 01:01:18 PM (IST)
Sawan 2024 Abhishek: भगवान शिव को प्रिय है पंचामृत, सावन में करें भोलेनाथ का अभिषेक, होंगे प्रसन्न
शिवलिंग का अभिषेक करने से विकारों से मुक्ति मिलती है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. सावन में शिवजी को पंचामृत अर्पित करने का विशेष महत्व है।
  2. मंत्रों का जाप, जलाभिषेक करने से मनोकामना पूरी होती है।
  3. इसे बनाने के लिए पांच अमृत तत्वों का उपयोग किया जाता है।

धर्म डेस्क, इंदौर। Sawan 2024: भगवान शिव को भोलेनाथ कहा जाता है, क्योंकि वे एक लोटा जल चढ़ाने से ही प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामना को पूर्ण करते हैं।

सावन का महीना शुरू हो चुका है यह 19 अगस्त तक चलेगा इस माह पड़ने वाले सोमवार को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन विधि पूर्वक शिवजी का अभिषेक किया जाता है।

कहा जाता है कि इस दिन पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करने से काम, क्रोध, मोह, अहंकार और लोभ जैसे विकारों से मुक्ति मिलती है। आइए, जानते हैं कि सावन के महीने में ही भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करने का क्या महत्व है।

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चंद्रमा से जुड़ी हैं पंचामृत की चीजें

पंचामृत दूध, दही, शक्कर जैसी सफेद वस्तुओं से मिलकर बनता है, जो कि चंद्रमा का प्रतिनिधित्व करती हैं। जब चंद्र प्रधान चीजों से शिवलिंग को स्नान कराया जाता है, तो व्यक्ति के अंदर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होने लगती है।


साथ ही पंचामृत में उपयोग होने वाली चीजों से शुभ ऊर्जा निकलती है। इस माह में रुद्राभिषेक का सर्वाधिक महत्व माना जाता है। सावन सोमवार के दिन सच्चे मन से लोग भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।

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पंचामृत से अभिषेक का महत्व

पंचामृत दूध, दही, शहद, घी और शक्कर इन पांच चीजों से मिलकर बना होता है। पंचामृत से अभिषेक करने के लिए सबसे पहले भगवान शिव पर जल अर्पण करें और उसके बाद दूध, दही, शहद और शक्कर को उन पर अर्पित करें।

  • शिवलिंग पर सब चीजें चढ़ाने के बाद दूध, दही, घी शक्कर और शहद इन पांचों को मिलाकर एक शिवार्पण करें।
  • पूजा के दौरान शिव जी के पंचाक्षर या षडाक्षर मंत्र का उच्चारण करते रहें।
  • पंचामृत से स्नान कराने पर भगवान शिव जातक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
  • ऐसा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और सभी समस्याओं से मुक्ति मिलती है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'