Surya Dev: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव से मनुष्य के शरीर में रोगों का वास हो जाता है। वहीं, इस प्रभाव को खत्म करने के लिए ग्रह शांति करना आवश्यक है। आज हम सूर्य के नराकात्मक प्रभाव की वजह से उत्पन्न रोग और उनके निवारण के बारे में जानते हैं। सूर्य देव पिता, आत्मा समाज में मान, सम्मान, यश, कीर्ति, प्रसिद्धि, प्रतिष्ठा का करक होते हैं। सूर्य देव सिंह राशि के स्वामी हैं। कुंडली में सूर्य के अशुभ होने पर पेट, आंख, हृदय का रोग हो सकता है साथ ही मुंह में बार-बार बलगम इकट्ठा हो जाता है।

सूर्य देव के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय

यदि आप सूर्य देव के अशुभ प्रभाव की वजह से कई रोगों से घिर चुके हैं तो ऐसे में भगवान राम की आराधना करें। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें, सूर्य को आर्घ्य दे, गायत्री मंत्र का जाप करें। तांबा, गेहूं एवं गुड का दान करें। प्रत्येक कार्य का प्रारंभ मीठा खाकर करें। ताबें के एक टुकड़े को काटकर उसके दो भाग करें। एक को पानी में बहा दें तथा दूसरे को जीवन भर साथ रखें। ॐ रं रवये नमः =या= ॐ घृणी सूर्याय नमः मन्त्र का जप रोज 108 बार (1 माला) जाप करें। आपको जल्द ही सभी रोगों से मुक्ति मिल जाएगी।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

Posted By: Navodit Saktawat

  • Font Size
  • Close