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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ashadha Amavasya 2024: आषाढ़ अमावस्या के दिन इस विधि से करें पितरों का तर्पण, जानें शुभ मुहूर्त

अमावस्या तिथि को दान-पुण्य के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर, पितरों के निमित्त तर्पण और दान किया जाता है। पितरों को देवताओं ...और पढ़ें

By Ekta SharmaEdited By: Ekta Sharma
Publish Date: Sun, 30 Jun 2024 11:09:38 AM (IST)Updated Date: Sun, 30 Jun 2024 11:09:38 AM (IST)
Ashadha Amavasya 2024: आषाढ़ अमावस्या के दिन इस विधि से करें पितरों का तर्पण, जानें शुभ मुहूर्त
आषाढ़ अमावस्या 2024 (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. पितरों को प्रसन्न करने के लिए भी आषाढ़ महीना है खास
  2. इस माह की हर तिथि मानी जाती है बेहद महत्वपूर्ण
  3. आषाढ़ अमावस्या पर पितरों का तर्पण है लाभकारी

धर्म डेस्क, इंदौर। Ashadha Amavasya 2024: 23 जून से आषाढ़ मास शुरू हो गया है। यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। आषाढ़ माह में कई व्रत और त्योहार आते हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आषाढ़ चौथा महीना है। पितरों को प्रसन्न करने के लिए भी आषाढ़ का महीना बहुत खास माना जाता है।

आषाढ़ महीने में आने वाली तिथि भी बहुत महत्वपूर्ण होती है। इस दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए कई तरह के कार्य किए जा सकते हैं। इन कार्यों को करने से जीवन में चल रही परेशानियों से छुटकारा मिलता है। साथ ही खुशहाली आती है। आइए, जानते हैं कि आषाढ़ अमावस्या किस दिन मनाई जाएगी।


आषाढ़ अमावस्या तिथि 2024

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 5 जुलाई को सुबह 4:57 बजे शुरू होगी। यह तिथि 6 जुलाई को सुबह 4 बजकर 26 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में आषाढ़ अमावस्या 5 जुलाई 2024 को मनाई जाएगी।

पितरों की आत्मा की शांति के लिए हर महीने की अमावस्या तिथि पर दान और तर्पण करना शुभ होता है। ऐसे में इस दिन यह कार्य जरूर करने चाहिए।

पितरों के तर्पण की विधि

  • पितरों को तर्पण देने का सबसे अच्छा समय सूर्योदय का होता है।
  • सूर्योदय के समय स्नान-ध्यान करने के बाद पितरों को तर्पण करना चाहिए।
  • पितरों को तर्पण देने के लिए सफेद फूल, काले तिल और कुशा का उपयोग करें।
  • पितरों का तर्पण दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके करना चाहिए।
  • तर्पण के दौरान पितरों का ध्यान करना चाहिए।

कहा जाता है कि अमावस्या तिथि पर कौवा, कुत्ते या गाय को भोजन जरूर खिलाना चाहिए। इसके साथ ही आषाढ़ अमावस्या के दिन पीपल या बरगद के पेड़ पर जल अर्पित करें। इससे पितरों का आशीर्वाद मिलता है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'