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Garba Nights: गरबा के रंग में टैटू का फैशन... धार्मिक प्रतीकों से लेकर ज्योमेट्रिक पैटर्न तक पसंद

टेंपरेरी टैटू की खासियत यह है कि इसके लिए सुई की जरूरत नहीं होती और डिजाइन भी कुछ समय बाद मिट जाता है। यही वजह है कि स्थायी टैटू बनवाने से बचने वाले य...और पढ़ें

By bharat mandhanyaEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 03:46:21 PM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 03:51:19 PM (IST)
Garba Nights: गरबा के रंग में टैटू का फैशन... धार्मिक प्रतीकों से लेकर ज्योमेट्रिक पैटर्न तक पसंद
गरबे के लिए टैटू।

HighLights

  1. इससे तेज एलर्जी, खुजली, सूजन और छाले तक हो सकते हैं।
  2. लगाने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर उसकी प्रतिक्रिया देखें।
  3. शुरुआती जांच में परेशानी न होने पर भी एलर्जी हो सकती है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। गरबा की रातों में अब सिर्फ पारंपरिक कपड़े, पगड़ी और रंग-बिरंगे डांडिया ही युवाओं के लुक का हिस्सा नहीं हैं। शरीर पर नजर आने वाले छोटे-बड़े टेंपरेरी टैटू भी फैशन का हिस्सा बन रहे हैं। खासकर युवा लड़कों में टैटू को लेकर दिलचस्पी बढ़ी है।

कोई बाजू पर मां दुर्गा की आकृति बनवाना चाहता है तो किसी को महादेव, त्रिशूल, डमरू और संस्कृत के शब्दों वाले डिजाइन पसंद आते हैं। वहीं कुछ युवा ज्यामितीय आकृतियों, काली स्याही जैसी दिखने वाली डिजाइन और सुनहरे रंग के पैटर्न को अपने गरबा लुक के साथ जोड़ रहे हैं।


टेंपरेरी टैटू की खासियत यह है कि इसके लिए सुई की जरूरत नहीं होती और डिजाइन भी कुछ समय बाद मिट जाता है। यही वजह है कि स्थायी टैटू बनवाने से बचने वाले युवा भी त्योहार के दौरान नए प्रयोग कर सकते हैं। गरबा में लगातार कई दिन शामिल होने वाले युवाओं के लिए यह अपने लुक में बदलाव करने का आसान तरीका है।

मां दुर्गा, त्रिशूल और महादेव की थीम पसंद

  • टैटू आर्टिस्ट सुमित ठाकुर के अनुसार, नवरात्र में धार्मिक प्रतीकों वाले टैटू का ट्रेंड इस बार देखने को मिल रहा है। इसके अलावा युवा गरबा के माहौल के साथ मेल खाते टैटू भी बनवा रहे हैं।
  • इसमें मां दुर्गा का चेहरा, उनकी आंखों की आकृति, त्रिशूल, ओम, डमरू और महादेव से जुड़े डिजाइन वाले टैटू बनवाए जा रहे हैं।
  • कुछ डिजाइन केवल काली आउटलाइन में बनाए जाते हैं, जबकि कुछ में लाल, केसरिया या सुनहरे रंग की झलक दी जाती है।
  • हाथ और बाजू पर बनने वाले टैटू को कुर्ते, केडियू और बिना आस्तीन के परिधान के अनुसार बनवाया जा रहा है। छोटे डिजाइन कलाई या हाथ के ऊपरी हिस्से पर बनवाए जा रहे हैं।

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ज्योमेट्रिक पैटर्न और नाम वाले डिजाइन भी विकल्प

टैटू आर्टिस्ट विश्वास भास्कर के अनुसार, धार्मिक प्रतीकों के अलावा सीधी रेखाओं, त्रिकोण, गोल आकृतियों और छोटे प्रतीकों वाले डिजाइन भी बनवाए जा रहे हैं। कलाई पर बैंड जैसा पैटर्न, बाजू पर लंबी काली आकृति, छोटे सितारे और मंडला डिजाइन भी पसंद किए जा रहे हैं।

इसके अलावा अपने नाम का पहला अक्षर, किसी खास शब्द या छोटे संदेश वाले डिजाइन भी बनवाए जा रहें हैं। कुछ युवा एक ही डिजाइन दोनों हाथों पर बनवाना पसंद करते हैं, जबकि कुछ केवल एक बाजू पर टैटू लगाकर अलग लुक रखना चाहते हैं। ऐसे डिजाइन में आकार और जगह का चुनाव अहम होता है, ताकि गरबा के दौरान कपड़ों और आभूषणों के साथ टैटू भी साफ नजर आए।

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ये विकल्प भी मौजूद

टैटू बनाने के तरीके भी अलग-अलग होते हैं। कुछ डिजाइन पानी की मदद से त्वचा पर चिपकाए जाने वाले स्टिकर होते हैं। कुछ में त्वचा पर इस्तेमाल के लिए बने रंगों से डिजाइन तैयार किया जाता है। मेहंदी जैसे भूरे रंग के पैटर्न भी विकल्प हैं। हालांकि, किसी रंग का चमकीला या प्राकृतिक दिखना उसके सुरक्षित होने की गारंटी नहीं है। रंग और चिपकाने वाले पदार्थ में मौजूद सामग्री की जानकारी लेना जरूरी है।

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टैटू बनवाते समय इन बातों का रखें ध्यान

टेंपरेरी टैटू को स्थायी टैटू की तुलना में आसान विकल्प माना जाता है, लेकिन इससे त्वचा पर परेशानी होने का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता। कुछ टेंपरेरी टैटू में ब्लैक मेहंदी का उपयोग होता है, जिससे एलर्जी और त्वचा को नुकसान पहुंच सकती है। ऐसे में कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है।

  • मेहंदी के नाम पर मिलने वाले कुछ गहरे काले उत्पादों में पीपीडी नाम का केमिकल हो सकता है। इससे तेज एलर्जी, खुजली, सूजन और छाले तक हो सकते हैं।
  • नया उत्पाद लगाने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर उसकी प्रतिक्रिया देखें। ध्यान रहे, शुरुआती जांच में परेशानी न होने पर भी बाद में एलर्जी हो सकती है।
  • कटे, छिले या पहले से लाल और खुजली वाले हिस्से पर टैटू न बनवाएं। आंखों और होंठों के आसपास भी उत्पाद लगाने से बचें, जब तक वह उस जगह के लिए बना न हो।
  • अगर डिजाइन हाथ से बनाया जा रहा है, तो साफ उपकरणों का इस्तेमाल होना चाहिए। रंग में कोई अनजान पदार्थ न मिलाया गया हो।
  • टैटू लगाने के बाद जलन, लालिमा, खुजली या सूजन दिखे तो उसे हटाएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।
  • टैटू लगाने से पहले यह भी देखना चाहिए कि वह पसीने, कपड़ों की रगड़ और लगातार हाथ चलाने से जल्दी खराब तो नहीं होगा।