
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। गरबा की रातों में अब सिर्फ पारंपरिक कपड़े, पगड़ी और रंग-बिरंगे डांडिया ही युवाओं के लुक का हिस्सा नहीं हैं। शरीर पर नजर आने वाले छोटे-बड़े टेंपरेरी टैटू भी फैशन का हिस्सा बन रहे हैं। खासकर युवा लड़कों में टैटू को लेकर दिलचस्पी बढ़ी है।
कोई बाजू पर मां दुर्गा की आकृति बनवाना चाहता है तो किसी को महादेव, त्रिशूल, डमरू और संस्कृत के शब्दों वाले डिजाइन पसंद आते हैं। वहीं कुछ युवा ज्यामितीय आकृतियों, काली स्याही जैसी दिखने वाली डिजाइन और सुनहरे रंग के पैटर्न को अपने गरबा लुक के साथ जोड़ रहे हैं।
टेंपरेरी टैटू की खासियत यह है कि इसके लिए सुई की जरूरत नहीं होती और डिजाइन भी कुछ समय बाद मिट जाता है। यही वजह है कि स्थायी टैटू बनवाने से बचने वाले युवा भी त्योहार के दौरान नए प्रयोग कर सकते हैं। गरबा में लगातार कई दिन शामिल होने वाले युवाओं के लिए यह अपने लुक में बदलाव करने का आसान तरीका है।
टैटू आर्टिस्ट विश्वास भास्कर के अनुसार, धार्मिक प्रतीकों के अलावा सीधी रेखाओं, त्रिकोण, गोल आकृतियों और छोटे प्रतीकों वाले डिजाइन भी बनवाए जा रहे हैं। कलाई पर बैंड जैसा पैटर्न, बाजू पर लंबी काली आकृति, छोटे सितारे और मंडला डिजाइन भी पसंद किए जा रहे हैं।
इसके अलावा अपने नाम का पहला अक्षर, किसी खास शब्द या छोटे संदेश वाले डिजाइन भी बनवाए जा रहें हैं। कुछ युवा एक ही डिजाइन दोनों हाथों पर बनवाना पसंद करते हैं, जबकि कुछ केवल एक बाजू पर टैटू लगाकर अलग लुक रखना चाहते हैं। ऐसे डिजाइन में आकार और जगह का चुनाव अहम होता है, ताकि गरबा के दौरान कपड़ों और आभूषणों के साथ टैटू भी साफ नजर आए।
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टैटू बनाने के तरीके भी अलग-अलग होते हैं। कुछ डिजाइन पानी की मदद से त्वचा पर चिपकाए जाने वाले स्टिकर होते हैं। कुछ में त्वचा पर इस्तेमाल के लिए बने रंगों से डिजाइन तैयार किया जाता है। मेहंदी जैसे भूरे रंग के पैटर्न भी विकल्प हैं। हालांकि, किसी रंग का चमकीला या प्राकृतिक दिखना उसके सुरक्षित होने की गारंटी नहीं है। रंग और चिपकाने वाले पदार्थ में मौजूद सामग्री की जानकारी लेना जरूरी है।
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टेंपरेरी टैटू को स्थायी टैटू की तुलना में आसान विकल्प माना जाता है, लेकिन इससे त्वचा पर परेशानी होने का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता। कुछ टेंपरेरी टैटू में ब्लैक मेहंदी का उपयोग होता है, जिससे एलर्जी और त्वचा को नुकसान पहुंच सकती है। ऐसे में कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है।