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अधर्म पर धर्म की विजय का महापर्व! नए व्यापार और वाहन खरीदारी के लिए सबसे अच्छा दिन

आज देशभर में विजयादशमी यानी दशहरे का पावन पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। पंचांग के अनुसार, 20 अक्टूबर को विजयादशमी पर शस्त्र पूजन के लिए 'विजय मुहूर्...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Akriti kumari
Publish Date: Tue, 20 Oct 2026 01:30:14 PM (IST)Updated Date: Tue, 20 Oct 2026 02:00:11 PM (IST)
अधर्म पर धर्म की विजय का महापर्व! नए व्यापार और वाहन खरीदारी के लिए सबसे अच्छा दिन
20 अक्टूबर को मनाया जा रहा है दशहरा

HighLights

  1. 20 अक्टूबर को मनाया जा रहा है दशहरा
  2. दोपहर 1:59 से 2:45 तक रहेगा विजय मुहूर्त
  3. रावण दहन के लिए प्रदोष काल का समय शुभ

धर्म डेस्क। आज यानी मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को देशभर में अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय का पावन महापर्व 'विजयादशमी' (दशहरा) हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी तिथि पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने लंकापति रावण का संहार कर माता सीता को उसके अत्याचारों से मुक्त कराया था। आज के दिन भगवान श्री राम के पूजन के साथ-साथ शस्त्र पूजा, अपराजिता देवी पूजन, शमी वृक्ष पूजन और सायंकाल में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है।

आइए जानते हैं आज विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजन, रावण दहन, चौघड़िया मुहूर्त और अपराजिता पूजा विधान के बारे में विस्तार से-

विजयादशमी (दशहरा) 2026 की तिथि

  • दशमी तिथि का प्रारंभ: आज 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:51 बजे से।
  • दशमी तिथि का समापन: 21 अक्टूबर को दोपहर 02:11 बजे तक।
  • शास्त्रीय विधान: उत्तर और मध्य भारत के पंचांगीय विधान के अनुसार अपराह्न काल में दशमी तिथि की उपस्थिति के कारण मुख्य दशहरा और रावण दहन आज 20 अक्टूबर को ही संपन्न होगा।

शस्त्र पूजा के शुभ मुहूर्त

विजयादशमी के दिन अपने अस्त्र-शस्त्र, वाहनों, व्यापारिक औजारों और पुस्तकों का पूजन कर शक्ति और विजय की कामना की जाती है। आज शस्त्र पूजन के लिए दो विशेष शुभ मुहूर्त हैं-

  • विजय मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ समय): दोपहर 01:59 बजे से 02:45 बजे तक (अवधि: 46 मिनट)।
  • अपराह्न पूजा मुहूर्त: दोपहर 01:14 बजे से शाम 03:30 बजे तक।

रावण दहन का शुभ मुहूर्त (प्रदोष काल)

शास्त्रों के अनुसार, रावण दहन का आयोजन सूर्यास्त के समय प्रदोष काल में किया जाता है-

  • प्रदोष काल का समय: आज शाम 05:47 बजे से रात 08:23 बजे तक।
  • रावण दहन का सर्वोत्तम समय: प्रदोष काल के दौरान शाम 05:47 बजे से 06:12 बजे तक का समय अबूझ और अत्यंत शुभ माना गया है।
  • निशीता काल पूजा (विशेष मध्यरात्रि पूजा): रात 11:41 बजे से 12:31 बजे तक।

20 अक्टूबर का शुभ चौघड़िया मुहूर्त

यदि आप आज विजयादशमी के अबूझ मुहूर्त पर किसी नए कार्य, व्यापार, वाहन खरीद या विद्यारंभ की शुरुआत करना चाहते हैं, तो इन चौघड़िया मुहूर्तों का उपयोग कर सकते हैं-

  • चर (सामान्य/शुभ): दोपहर 01:31 बजे से 02:56 बजे तक
  • लाभ (उन्नतिदायक): दोपहर 02:56 बजे से शाम 04:22 बजे तक
  • अमृत (सर्वोत्तम): शाम 04:22 बजे से 05:47 बजे तक

रावण दहन से पूर्व देवी अपराजिता की पूजन विधि

विजयादशमी पर अपराह्न काल में देवी अपराजिता की पूजा करने का विशेष विधान है-

  • पूजन विधि: सर्वप्रथम उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा या पूजा स्थल को स्वच्छ कर लें। वहां एक लकड़ी की चौकी पर स्वच्छ वस्त्र बिछाकर मां अपराजिता की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
  • अर्पण: देवी का जल और पंचामृत से स्नान/अभिषेक कराएं। उन्हें वस्त्र, पुष्प, रोली, अक्षत, कुमकुम, धूप-दीप, फल और शृंगार सामग्री अर्पित करें।
  • फल: मान्यता है कि देवी अपराजिता का पूजन करने से व्यक्ति को अपने हर कार्य और जीवन के हर क्षेत्र में अपराजित रहने (विजय पाने) का वरदान मिलता है।

विजयादशमी (दशहरा) के पावन संदेश और शुभकामनाएं

बुराई का होता है विनाश, दशहरा लाता है नई आस।

रावण की तरह जलें आपके दुख, जीवन में आए अपार सुख।

-विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं!

अधर्म पर धर्म की विजय हो, आपके जीवन में नया उदय हो।

खुशियों से भर जाए आपका आंगन, मुस्कुराता रहे हमेशा आपका मन।

-शुभ दशहरा!

श्री राम का आपके घर वास हो, हर मुश्किल का सर्वनाश हो।

सुख-समृद्धि का मिले वरदान, दशहरा पर पूरे हों सब अरमान।

-विजयादशमी की बधाई!

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