19 अक्टूबर को इतने बजे शुरू होगी महानवमी तिथि, जानें मां सिद्धिदात्री पूजन का शुभ मुहूर्त, भोग और पारण का सही समय
शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:51 बजे से शुरू होगी, जो 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे तक रहेगी। इस दिन मां दुर्गा के नौवें स...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 18 Oct 2026 05:33:39 PM (IST)Updated Date: Sun, 18 Oct 2026 05:33:39 PM (IST)
19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे से प्रारंभ महानवमी तिथिHighLights
- 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे से प्रारंभ महानवमी तिथि
- मां सिद्धिदात्री की पूजा से होती है अष्ट सिद्धियों की प्राप्ति
धर्म डेस्क। शारदीय नवरात्र 2026 का पावन पर्व अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को महानवमी का महापर्व मनाया जाएगा। इस पावन तिथि पर आदिशक्ति मां दुर्गा के नौवें और अंतिम स्वरूप मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है।
मार्कण्डेय पुराण के अनुसार, मां सिद्धिदात्री अष्ट सिद्धियों (अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व) की अधिष्ठात्री देवी हैं। देवी पुराण की मान्यता है कि स्वयं भगवान शिव ने भी मां सिद्धिदात्री की कठोर तपस्या करके ही समस्त सिद्धियां प्राप्त की थीं, जिसके प्रभाव से उनका आधा शरीर देवी का हुआ और वे 'अर्द्धनारीश्वर' कहलाए।
आइए जानते हैं महानवमी तिथि का सटीक समय, पूजा के शुभ मुहूर्त, प्रिय भोग और पारण का समय-
महानवमी तिथि का समय (Panchang Timing)
- नवमी तिथि का आरंभ: सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:51 बजे से।
- नवमी तिथि का समापन: मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:50 बजे तक।
- कन्या पूजन का समय: जो श्रद्धालु महानवमी पर कन्या भोज कराते हैं, वे सोमवार सुबह 10:51 बजे नवमी तिथि लगने के बाद कन्या पूजन और हवन कर सकते हैं।
19 अक्टूबर 2026 के शुभ पूजा मुहूर्त (Shubh Muhurat)
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:43 बजे से 05:34 बजे तक
- प्रातः संध्या: प्रातः 05:09 बजे से 06:24 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ पूजन समय): दोपहर 11:43 बजे से 12:29 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:48 बजे से 06:13 बजे तक
- सायाह्न संध्या: सायं 05:48 बजे से 07:03 बजे तक
मां सिद्धिदात्री का प्रिय भोग, फूल और वस्त्र नियम
- प्रिय भोग: महानवमी के दिन मां सिद्धिदात्री को सूजी का हलवा, गर्मा-गर्म पूड़ी, भुना काला चना, चावल-दूध की खीर, नारियल और ऋतुफल का भोग अवश्य लगाएं।
- प्रिय पुष्प: मां सिद्धिदात्री को चंपा, कमल या लाल गुड़हल का फूल अत्यंत प्रिय है। इससे घर में सुख-समृद्धि और आरोग्य का वास होता है।
- शुभ रंग: नवमी पूजन में गुलाबी रंग (Pink Color) पहनना अति शुभ माना गया है, जो प्रेम, वात्सल्य और नारी शक्ति का प्रतीक है।
- सुहाग सामग्री: देवी मां को लाल या गुलाबी रंग की चुनरी के साथ 16 श्रृंगार/सुहाग की सामग्री (सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, आलता आदि) अर्पित करें। इससे अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
शारदीय नवरात्र व्रत का पारण कब करें? (Parana Timing)
- पारण तिथि: शारदीय नवरात्र व्रत का पारण मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।
- पारण विधि: नौ दिनों का व्रत रखने वाले साधक 20 अक्टूबर को प्रातःकाल स्नान के बाद मां दुर्गा की अंतिम पूजा और आरती करें, माता रानी को भोग लगाएं और फिर प्रसाद ग्रहण कर अपना व्रत खोलें।
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