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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Guru Purnima 2025: इंद्र योग व पूवार्षाढ़ा नक्षत्र में मनाई जाएगी गुरू पूर्णिमा

भविष्य पुराण के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा को विधिवत शिव की पूजा-अर्चना करने से सहस्त्र अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य और विष्णु लोक की प्राप्ति होती है। ऋषि पा...और पढ़ें

By Brajendra vermaEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Wed, 09 Jul 2025 08:26:47 PM (IST)Updated Date: Wed, 09 Jul 2025 08:31:45 PM (IST)
Guru Purnima 2025: इंद्र योग व पूवार्षाढ़ा नक्षत्र में मनाई जाएगी गुरू पूर्णिमा
गुरु पूर्णिमा।

HighLights

  1. गुरुओं की ओर से शिष्यों को दीक्षा देकर गुरु मंत्र दिया जाएगा
  2. कई स्थानों पर होंगे पादुका पूजन और सामूहिक दीक्षा कार्यक्रम।
  3. गुरु पूर्णिमा के दिन दान करना भी अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। इंद्र योग पूवार्षाढ़ा नक्षत्र के शुभ संयोग में गुरुवार को गुरु पूर्णिमा मनेगी। पंडित रामजीवन दुबे और विनोद गौतम ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान व श्रीहरि विष्णु की विधिवत पूजा विष्णु सहस्त्रनाम, पुरुष सूक्त का पाठ, ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नम: का जाप करने से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है। भगवान गणेश के कहने पर उन्होंने महाभारत महाकाव्य की रचना की। इस दिन को वेद व्यास की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। गुरु पूर्णिमा के मौके पर जहां साईं बाबा की पालकी निकलेगी वहीं जगह-जगह चरण पादुका पूजन के साथ ही सामूहिक दीक्षा के कार्यक्रम भी होंगे।

गुरु पूर्णिमा पर पूजा विधि

पंडित जगदीश शर्मा ने बताया कि सुबह सूर्योदय से पहले उठें और स्नान करें। स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थान को साफ करें। भगवान वेद व्यास और अपने गुरु की प्रतिमा स्थापित करें। दीप प्रज्ज्वलित करें और धूप-बत्ती लगाएं। फूल, फल और मिठाई अर्पित करें। गुरु मंत्रों का जाप करें। गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें। गुरु पूर्णिमा के दिन दान करना भी अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। गरीबों, ब्राह्मणों या किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को दान दिया जा सकता है।


गुरु पूर्णिमा के शुभ मुहूर्त

9 जुलाई की रात 1:36 बजे पूर्णिमा तिथि आरंभ हो गया, जो 10 जुलाई को रात 2:06 बजे समाप्त होगी।

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 4:10 से 4:50 बजे

विजय मुहूर्त : दोपहर 2:45 से 3:40 बजे

गोधूलि मुहूर्त : शाम 7:21 से 7:41 बजे

निशिता मुहूर्त : रात 12:06 से 12:47 बजे

- इन स्थानों पर होंगे पूजन व दीक्षा कार्यक्रम

मां चामुंडा दरबार शाहजहांनाबाद : 58 वां गुरू पूर्णिमा महोत्सव दरबार में रात 10 से दो बजे तक गुरू पूजा के साथ दीक्षा दी जाएगी।

करुणाधाम आश्रम नेहरू नगर : गुरु पूर्णिमा पर्व महोत्सव के रूप में मनेगा। इस दौरान तीन दिनों तक कार्यक्रम होंगे। गुरु पूजन और गुरुदेव सुदेश शाण्डिल्य महाराज के आशीर्वचन होंगे। शिष्य-सेवकों द्वारा बड़े गुरुदेव ब्रह्मलीन बालगोविन्द शाण्डिल्य महाराज का अभिषेक किया जाएंगा।

- मां पीतांबरा बगलामुखी मंदिर कोटरा सुल्तानाबाद : गुरुओं का पूजन कार्यक्रम रखा गया है।

- दादाजी धाम पटेल नगर व धूनी वाले दादा दरबार श्यामला हिल्स : दोनों स्थानों पर गुरु पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस दौरान भोज का कार्यक्रम भी रखा गया है।

-गुफा मंदिर : महंत रामप्रवेश दास सबसे पहले गादी पूजन करेंगे। इसके बाद रामानंद आश्रम के शिष्यों सहित गुफा मंदिर के शिष्य महंत रामप्रवेश दास का पूजन-वंदन व आरती करेंगे। इसके बाद दीक्षा व गुरु मंत्र कार्यक्रम होगा।

गायत्री शक्तिपीठ : एमपी नगर जोन-एक स्थित गायत्री शक्तिपीठ में गुरु पूर्णिमा महोत्सव शुरू होगा। गायत्री शक्तिपीठ परिसर में दीक्षा व गुरु पूजा और संस्कार का आयोजन किया जाएगा।