Hariyali Teej 2025: इन चीजों के बिना अधूरी है हरियाली तीज की पूजा, नोट कीजिए ये जरूरी सामान
हरियाली तीज 26 जुलाई 2025 को मनाई जाएगी। यह व्रत महिलाएं वैवाहिक सुख, अखंड सौभाग्य और मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए करती हैं। इस दिन शिव-पार्वती की पूज ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 16 Jul 2025 12:35:47 PM (IST)Updated Date: Wed, 16 Jul 2025 12:35:47 PM (IST)
हरियाली तीज का त्योहार महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। (फाइल फोटो)HighLights
- 26 जुलाई को मनाई जाएगी हरियाली तीज
- वैवाहिक सुख और सौभाग्य के लिए रखा जाता है व्रत
- मिट्टी की प्रतिमा से करें शिव-पार्वती की पूजा
धर्म डेस्क, इंदौर। Hariyali Teej Date: हरियाली तीज का त्योहार सनातन धर्म में आस्था रखने वाली महिलाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इस साल यह त्योहार 26 जुलाई 2025 को मनाया जाएगा। इस त्योहार को महिलाएं वैवाहिक सुख, अखंड सौभाग्य व मनचाहे वर के लिए मनाती हैं।
महिलाएं माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा कर वैवाहिक सुख की कामना करती हैं। पौराणिक कथाओं में यह मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए यही व्रत किया था। इससे खुश होकर भगवान शिव ने माता पार्वती से विवाह किया था।
क्यों रखा जाता है यह व्रत?
हरियाली तीज भगवान शिव व माता पार्वती के पावन मिलन की याद में मनाई जाती है। कुंवारी कन्याएं भी यह व्रत रखती हैं। वह सोलह श्रृंगार कर शिव-पार्वती की पूजा कर अपने लिए योग्य वर मांगती हैं। विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना करने के लिए व्रत रखती हैं।
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शिव-पार्वती की पूजा विधि (Hariyali Teej 2025 Puja)
- हरियाली तीज के दिन मिट्टी से बनी शिव-पार्वती की प्रतिमा लाई जाती है।
- इन मूर्तियों को पूर्व दिशा की ओर एक चौकी पर गंगाजल से शुद्ध करके स्थापित करें।
- एक कलश में जल भरकर सामने रखें और दीपक जलाएं।
- बेलपत्र, दूर्वा और चावल शिवजी को अर्पित करें।
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सोलह श्रृंगार करें अर्पित (Hariyali Teej 2025 Puja Samagri)
माता पार्वती की पूजा से ध्यान रखें कि चूड़ी, बिंदी, मेहंदी, सिंदूर, काजल, चुनरी आदि सोलह श्रृंगार की वस्तुएं हों। पूजा के दौरान इनको अर्पित कर दें। फल, नारियल, मिठाई और पंचामृत का भोग लगाएं। इससे वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है।
पूजा थाली
पूजा थाली में गाय के घी का दीपक जला दें। हरियाली तीज की कथा का शिव-पार्वती के सामने पाठ शुरू करें। उसके बाद शिव चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र या पंचाक्षरी मंत्र का जप करें। रात्रि में महिलाएं भजन-कीर्तन करती हैं।