हरतालिका तीज 2026: इस बार तीज पर दुर्लभ संयोग, शिव-पार्वती के साथ होगी गणपति की भी पूजा, जानें क्या है शुभ मुहूर्त
14 अगस्त 2026 को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इसमें सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए पूरे शिव परिवार की पूजा करेंगी। जान...और पढ़ें
By Akriti KumariEdited By: Akriti Kumari
Publish Date: Fri, 04 Sep 2026 04:34:13 PM (IST)Updated Date: Fri, 04 Sep 2026 04:34:13 PM (IST)
हरतालिका तीज 2026 पर गणेश चतुर्थी का दुर्लभ संयोग। (एआई जनरेटेड)HighLights
- 14 अगस्त 2026 को हरतालिका तीज के साथ गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी
- पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिन महिलाएं 24 घंटे का नर्जला व्रत रखती हैं
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सुहागिन महिलाओं के लिए अति-पवित्र और आस्था का प्रतीक माना जाने वाला 'हरतालिका तीज' का पर्व इस साल बेहद खास और अलौकिक संयोग लेकर आ रहा है। पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और सुखी दाम्पत्य जीवन की कामना के लिए महिलाएं यह कठिन निर्जला व्रत रखती हैं। लगभग 24 घंटे तक अन्न और जल का त्याग कर पूरी निष्ठा के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की जाती है।
हरतालिका तीज पर गणेश चतुर्थी का दुर्लभ संयोग
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, साल 2026 में हरतालिका तीज 14 अगस्त को मनाई जाएगी।
- विशेष योग: इस बार हरतालिका तीज के दिन ही गणेश चतुर्थी का पर्व भी पड़ रहा है।
- धार्मिक महत्व: ऐसा दुर्लभ संयोग बहुत कम बनता है जब एक ही दिन माता पार्वती, भगवान भोलेनाथ और प्रथम पूज्य श्री गणेश जी (पूरे शिव परिवार) की पूजा का फल एक साथ प्राप्त होता है।
मिट्टी- बालू के शिवलिंग पूजन की पौराणिक मान्यता
पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उन्होंने बालू और शुद्ध मिट्टी से शिवलिंग का निर्माण कर भगवान भोलेनाथ की आराधना की थी। उनकी इस अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी स्वीकार किया था।
इसी परंपरा का पालन करते हुए आज भी सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर मिट्टी या बालू से शिव-पार्वती और गणेश जी की प्रतिमाएं बनाकर विधिवत पूजन करती हैं।
14 अगस्त 2026: पूजा के शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इस दिन पूजा-अर्चना के लिए निम्नलिखित शुभ समय रहेंगे-
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:32 बजे से 05:19 बजे तक
- प्रातःकालीन मुख्य पूजा मुहूर्त- सुबह 06:05 बजे से 07:06 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 11:52 बजे से 12:41 बजे तक
(नोट: सुहागिन महिलाएं इन शुभ मुहूर्तों में शिव परिवार की स्थापना कर कथा श्रवण करें और आरती के साथ पूजन संपन्न करें।)\
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