धर्म डेस्क। फाल्गुन माह का आगमन होते ही होली के पर्व को लेकर तैयारियां शुरू हो जाती हैं। होली से एक दिन पहले होलिका दहन का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इस दिन होलिका माता की पूजा कर बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक पर्व मनाया जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में होलिका दहन और होली की तिथि तय हो चुकी है।
होलिका दहन से पहले शुरू होगा होलाष्टक
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह की शुरुआत 2 फरवरी 2026 से होगी। होलिका दहन से आठ दिन पहले होलाष्टक प्रारंभ हो जाता है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण और मुंडन जैसे शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। वर्ष 2026 में होलाष्टक की शुरुआत 24 फरवरी से होगी, जो होलिका दहन के दिन समाप्त होगी।
Holika Dahan 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च को शाम 5:55 बजे होगी और इसका समापन 3 मार्च को शाम 5:07 बजे होगा। उदयातिथि के अनुसार, 3 मार्च 2026 को होलिका दहन किया जाएगा, जबकि 4 मार्च 2026 को रंगों की होली मनाई जाएगी।
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक
3 मार्च 2026 के शुभ मुहूर्त
सूर्योदय: सुबह 6:44 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:22 बजे
चंद्रोदय: शाम 6:21 बजे
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:05 से 5:55 बजे
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:10 से 12:56 बजे
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:29 से 3:16 बजे
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:20 से 6:54 बजे
सायाह्न संध्या: शाम 6:22 से 7:36 बजे
होलिका दहन के दिन करें ये विशेष उपाय
अगर आप घर में नकारात्मक ऊर्जा का सामना कर रहे हैं, तो होलिका दहन की राख को घर लाएं और उसे दक्षिण पूर्व दिशा में रखें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से नकारात्मकता दूर होती है और घर में सुख-शांति का वास होता है।
अगर आप परिवार में कोई व्यक्ति किसी बीमारी का सामना कर रहा है, तो होलिका दहन की राख से बीमार व्यक्ति को तिलक लगाएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से बीमारी से मुक्ति मिलती है और जीवन में शुभ परिणाम देखने को मिलते हैं।