Narmada Jayanti 2026: नर्मदा जयंती पर बन रहे हैं दुर्लभ योग... दर्शन मात्र से मोक्ष का मार्ग, जानें शुभ तिथि और पूजा विधि
हर वर्ष श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जाने वाली नर्मदा जयंती 2026 में भी भक्ति भाव के साथ मनाई जाएगी। यह पर्व मां नर्मदा को समर्पित होता है, जिन्हें मो ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 18 Jan 2026 07:44:46 PM (IST)Updated Date: Sun, 18 Jan 2026 07:50:43 PM (IST)
नर्मदा जयंती 2026 माघ माह की शुक्ल सप्तमी को मनाई जाएगी। (AI Generated Photo)HighLights
- अमरकंटक में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़
- साध्य, शुभ और रवि योग का संयोग
- नर्मदा जल से शिव अभिषेक का विशेष महत्व
धर्म डेस्क: हिंदू धर्म में मां नर्मदा को मोक्षदायिनी नदी कहा गया है। मान्यता है कि उनके दर्शन मात्र से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है। नर्मदा नदी में स्नान करने से न केवल शारीरिक और मानसिक कष्ट दूर होते हैं, बल्कि आत्मिक शुद्धि भी प्राप्त होती है। यही कारण है कि नर्मदा जयंती (Narmada Jayanti 2026 Date) के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमरकंटक और ओंकारेश्वर पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन नर्मदा दर्शन से जन्म-जन्मांतर के पाप कट जाते हैं।
नर्मदा जयंती की शुभ तिथि
वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 25 जनवरी को देर रात 12 बजकर 39 मिनट पर प्रारंभ होगी और 25 जनवरी को ही रात 11 बजकर 10 मिनट पर समाप्त होगी। सूर्योदय तिथि मान्य होने के कारण नर्मदा जयंती 25 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी।
![naidunia_image]()
नर्मदा जयंती पर बन रहे शुभ योग
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, नर्मदा जयंती पर साध्य और शुभ योग का संयोग बन रहा है। इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का भी निर्माण हो रहा है। इन योगों में पूजा, स्नान और दान करने से साधक को मनोकामना पूर्ति और सौभाग्य वृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
नर्मदा जयंती की पूजा विधि
इस दिन ब्रह्म बेला में उठकर मां नर्मदा का ध्यान करें। घर की स्वच्छता के बाद यदि संभव हो तो नर्मदा नदी में स्नान करें। नर्मदा जल से भगवान शिव का अभिषेक करें। इसके बाद जप-तप, दान-पुण्य और मां नर्मदा की विधिवत पूजा करें। नर्मदा परिक्रमा यात्रा का समापन भी इसी दिन किया जाता है।