Padmini Ekadashi 2023: इस बार तीन सालों बाद मनाई जाएगी पद्मिनी एकादशी, जानें तिथि और महत्व
इस साल 3 वर्षों के बाद पुरुषोत्तमी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इन दिन भगवान विष्णु का पूजन करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। ...और पढ़ें
By Shailendra KumarEdited By: Shailendra Kumar
Publish Date: Wed, 19 Jul 2023 09:19:03 PM (IST)Updated Date: Wed, 19 Jul 2023 09:19:03 PM (IST)

Padmini Ekadashi Date: 18 जुलाई से मलमास या अधिकमास शुरू हो रहा है। अधिकमास को पुरुषोत्तम मास और मलमास के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि अधिकमास में की गई पूजा व आराधना अन्य दिनों की तुलना में 10 गुना फल प्रदान करती है। इस बार अधिकमास यानि मलमास 18 जुलाई से लग गया है और 16 अगस्त तक रहेगा। अधिकमास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी तिथि को पुरुषोत्तमी एकादशी, कमला एकादशी या पद्मिनी एकादशी भी कहा जाता है। आइये जानते हैं इस व्रत की तिथि और महत्व...
पुरुषोत्तमी/ पद्मिनी एकादशी
हर 3 साल में अधिकमास या मलमास आता है। इसलिए 3 सालों के बाद पुरुषोत्तमी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस साल ये व्रत 29 जुलाई, शनिवार को रखा जाएगा। इस दिन विष्णु पूजा का मुहूर्त सुबह 07:22 बजे से सुबह 09:04 बजे तक है। इसके अलावा दोपहर में भी एकादशी पूजा का शुभ मुहूर्त है, जो दोपहर 12:27 बजे से शाम 05:33 बजे तक है। इस दिन व्रत रखकर विधिपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस व्रत को रखने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और मृत्यु के बाद वैकुंठ प्रदान करते हैं। इस साल पद्मिनी एकादशी पर ब्रह्म और इंद्र योग जैसे दो शुभ योग भी बन रहे हैं।
कैसे करें पूजन?
इस दिन सुबह स्नान कर भगवान विष्णु की विधि पूर्वक पूजा करें। निर्जल व्रत रखकर विष्णु पुराण सुनें या फिर इसका पाठ करें। इस दिन रात्रि में भजन- कीर्तन करते हुए जागरण करना शुभ होता है। रात में प्रति पहर विष्णु और शिवजी की पूजा करें। द्वादशी के दिन भी सुबह भगवान की पूजा करें। ब्राह्मणों को भोजन कराकर दक्षिणा दें और उसके बाद व्रत का पारण करें। पद्मिनी एकादशी भगवान विष्णु जी को अति प्रिय है। माना जाता है कि इस व्रत का विधि पूर्वक पालन करने वाला विष्णु लोक यानी वैकुंठ धाम को जाता है।
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