
धर्म डेस्क। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी पापांकुशी एकादशी 22 अक्टूबर को मनाई जाएगी। मान्यता है कि इस दिन व्रत और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिल सकती है। साथ ही जीवन के कष्ट दूर होने और पुण्य फल की प्राप्ति की मान्यता है।
आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 21 अक्टूबर को दोपहर दो बजकर 11 मिनट पर हो चुका है। इसका समापन 22 अक्टूबर को दोपहर दो बजकर 47 मिनट पर होगा। इसलिए उदयातिथि के अनुसार, पापांकुशा एकादशी का व्रत गुरुवार 22 अक्टूबर को रखा जाएगा।
पापांकुशा एकादशी के दिन पीले रंग की वस्तुओं, जैसे पीले वस्त्र या पीली दाल का दान करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा, भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें और मिठाई का भोग लगाएं। पीले वस्त्र पहनना भी शुभ होता है।
श्रद्धापूर्वक व्रत रखने और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी पर चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी व्रत-विधि के अनुसार नियमों का पालन करें।