पापों का नाश और अपार धन-वैभव! जानिए क्यों कार्तिक मास की इस एकादशी को माना जाता है सबसे चमत्कारी
कार्तिक कृष्ण पक्ष की रमा एकादशी का व्रत 5 नवंबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि व्रत से पापों का नाश होता है और बैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है।
Publish Date: Tue, 03 Nov 2026 07:24:30 PM (IST)Updated Date: Tue, 03 Nov 2026 07:24:30 PM (IST)
HighLights
- 5 नवंबर को रखा जाएगा व्रत
- विष्णु-लक्ष्मी की संयुक्त पूजा का विधान
- मंत्र जप और बैकुंठ प्राप्ति का महात्म्य
धर्म डेस्क। कार्तिक कृष्ण पक्ष की एकादशी को रमा एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह एकादशी दिवाली से 4 दिन पहले पड़ती है। इस एकादशी को रम्भा एकादशी भी कहते हैं। मान्यताओं अनुसार इस दिन व्रत रखने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होती है। साथ ही जीवन के समस्त पापों का नाश हो जाता है। चलिए जानते हैं इस साल कार्तिक कृष्ण पक्ष की एकादशी यानी रमा एकादशी कब मनाई जाएगी और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
कार्तिक कृष्ण पक्ष की एकादशी कब है?
कार्तिक कृष्ण पक्ष की एकादशी यानी रमा एकादशी 5 नवंबर 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी।
- रमा एकादशी 2026 तिथि और मुहूर्त
- रमा एकादशी- 5 नवंबर 2026, गुरुवार
- एकादशी तिथि प्रारम्भ- 4 नवंबर 2026 को 11:03 AM बजे
- एकादशी तिथि समाप्त- 5 नवंबर 2026 को 10:35 AM बजे
- पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय- 10:30 AM
- रमा एकादशी व्रत पारण समय- 5 नवंबर 2026 को 10:35 AM बजे
रमा एकादशी की पूजा विधि
- पूजा के लिए एक साफ चौकी लें। फिर उस पर पीला वस्त्र बिछाएं।
- फिर उस पर भगवान गणेश और भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें।
- इसके बाद विधि विधान पूजा करें।
- भगवान को फूल और अक्षत अर्पित करें।
- भगवान विष्णु को पंचामृत में तुलसीदल डालकर जरूर चढ़ाएं।
- इसके बाद भोग लगाएं।
- विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
- रमा एकादशी की कथा सुनें।
- अंत में भगवान विष्णु और गणेश जी की आरती करें।
रमा एकादशी मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने । प्रणत क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः।
नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि । तन्नो विष्णुः प्रचोदयात् ॥
ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वन्तरायेः अमृतकलश हस्ताय सर्व भयविनाशाय सर्व रोगनिवारणाय् त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूप श्रीधनवन्तरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः ॥
रमा एकादशी व्रत का महत्व
- मान्यताओं अनुसार रमा एकादशी का व्रत रखने से मनुष्य अपने समस्त पापों से मुक्ति पा लेता है।
- कहते हैं जो भक्त इस दिन भगवान विष्णु सहित माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करते हैं उनके जीवन में सुख-सुविधाओं की कभी कमी नहीं होती।
- ऐसा भी कहा जाता है कि इस व्रत को करने से मृत्यु के बाद बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है।
यह भी पढ़ें- छठ पूजा 2026: 13 से 16 नवंबर तक चलेगा महापर्व, जानें नहाय-खाय, खरना और दोनों अर्घ्य का शुभ मुहूर्त