गुरु 06 अप्रैल को मकर से कुम्भ में प्रवेश कर 13 सितंबर तक कुम्भ राशि मे रहेंगे। 14 सितंबर से 19 नवम्बर तक वक्री होकर मकर में रहेंगे। 20 नवम्बर से कुम्भ में फिर गोचर करते हुए12 अप्रैल 2022 तक इसी राशि मे रहेंगे। ... गुरु का कुम्भ में होना बहुत ही शुभ है बृहस्पति/ गुरु के मकर राशि से कुम्भ में परिवर्तन से आपके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों यथा – माता-पिता, भाई-बंधू, शिक्षा, वैवाहिक जीवन, व्यवसाय (Business) धन, परिवार आदि के ऊपर कैसा प्रभाव पड़ने वाला है। यहां लग्न तथा चंद्र राशि को आधार मानकर, जन्मकुंडली में स्थित 12 भावों पर गुरु के गोचर का क्या प्रभाव पड़ने वाला है उसकी विवेचना की जा रही है। गुरु गोचर में जन्मकुंडली के लग्न से एकादश भाव में भ्रमण ( Jupiter transit in Eleventh house ) कर रहे हैं तब आपके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों यथा – भाई-बंधू, ज्ञान, संतान, माता-पिता, शिक्षा,धन, परिवार, व्यवसाय, वैवाहिक जीवन इत्यादि पर क्या प्रभाव पड़ेगा इसकी जानकारी व महत्‍व इस लेख के माध्यम से यहां दिया जा रहा है।

यदि आप कुम्भ लग्न या राशि के जातक है तो इस समय गुरु आपके लाभ स्थान में गोचर कर रहे है परन्तु 20 नवम्बर 2020 से यही गुरु का गोचर आपके बारहवे स्थान में होगा। ग्यारहवे भाव में गुरु के गोचर से आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। लाभ की दृष्टि से इस भाव में गुरु के गोचर का फल आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

आय के नए नए स्रोत बनेंगे जिससे आपको धन का लाभ होगा। व्यापार एवं कारोबार में आशानुकूल वृद्धि होगी। कोई न कोई नया कार्य का प्रारम्भ हो सकता है। ब्याज ( Interest ) से भी लाभ हो सकता है। यदि कोई केस मुकदमा है तो उसमे आपको लाभ मिल सकता है। यदि नौकरी कर हैं तो कार्य स्थल पर आपको मान सम्मान बढ़ जायेगी। आपको पदोन्नति ( Promotion ) का लाभ मिल सकता है।

मेष राशि पर प्रभाव गुरु गोचर में जन्मकुंडली के लग्न से एकादश भाव में भ्रमण ( Jupiter transit in Eleventh house ) कर रहे हैं तब आपके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों यथा – भाई-बंधू, ज्ञान, संतान, माता-पिता, शिक्षा,धन, परिवार, व्यवसाय, वैवाहिक जीवन इत्यादि पर क्या प्रभाव पड़ेगा इसकी जानकारी इस लेख के माध्यम से दिया जा रहा है।

यदि आप कुम्भ लग्न या राशि के जातक है तो इस समय गुरु आपके लाभ स्थान में गोचर कर रहे है परन्तु 20 नवम्बर 2020 से यही गुरु का गोचर आपके बारहवे स्थान में होगा। ग्यारहवे भाव में गुरु के गोचर से आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। लाभ की दृष्टि से इस भाव में गुरु के गोचर का फल आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

आय के नए नए स्रोत बनेंगे जिससे आपको धन का लाभ होगा। व्यापार एवं कारोबार में आशानुकूल वृद्धि होगी। कोई न कोई नया कार्य का प्रारम्भ हो सकता है। ब्याज ( Interest ) से भी लाभ हो सकता है। यदि कोई केस मुकदमा है तो उसमे आपको लाभ मिल सकता है। यदि नौकरी कर हैं तो कार्य स्थल पर आपको मान सम्मान बढ़ जायेगी। आपको पदोन्नति ( Promotion ) का लाभ मिल सकता है।

वृष राशि पर प्रभाव जन्मकुंडली के दशम भाव में गुरु का गोचर ( Jupiter tenth house in transit ) हो रहा है तो परिवार में सुख शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहेगा। आपका दाम्पत्य जीवन सुखमय रहेगा। नए घर में प्रवेश हो सकता है। नया घर ले सकते है। यदि आपके पास अपना घर है तो आप उसका सौंदर्यीकरण करा सकते हैं। नई नौकरी मिल सकती है। पदोन्नति का भी लाभ मिलेगा। धन के मामले में भी आपकी चिंता शीघ्र ही दूर हो जाएगी। धन का आगमन होते रहेगा।

व्यवसाय में गुरु गोचर का फल|Jupiter transit effects in Business

यदि आपके जन्मकुंडली के दशम भाव में गुरु का गोचर ( Jupiter tenth house in transit ) हो रहा है तो आपको व्यापार एवं कार्यक्षेत्र में सफलता और उन्नति की प्राप्ति होगी। कोई नया व्यापार शुरू कर सकते है या जो काम कर रहे है उसमे ही कोई नई व्यवस्था बन सकती है। अपने व्यापार में अलग से पूंजी निवेश कर सकते है। इसके लिए आप बैंक से ऋण ( Loan ) भी ले सकते है। इस कार्य के लिए आपको अपने परिवार का साथ भी मिलेगा परन्तु इसके लिए आपको अपने परिवार के प्रति मधुर वाणी तथा स्वभाव ( soft voice and nature ) बनाए रखना जरुरी होगा।

सरकारी विभाग में उच्चाधिकारियों से आपकी जान पहचान होगी जिनसे आपको भविष्य में लाभ मिलेगा। हाँ यदि आपको अपने अधिकारी के द्वारा कोई काम सौपा गया है तो अवश्य ही पूरा कीजिये। आपको अपने कार्य के उन्नति का बढ़िया मौका है अपना उत्तरदायित्व वहन करके इस फायदा लीजिये आलस्य मत कीजिये यदि यह मौका हाथ से निकल गया तो बस निकल ही गया क्योकि गुरु आपको यहाँ कुछ देने आया है अब आपका काम है की कैसे लेना है।

दशम भाव में गुरु का गोचर के प्रभाव से राजनीति ( Politician ) से जुड़े लोगों से आपके सम्बन्ध बन सकते है परन्तु इसके लिए आपको कुछ प्रयत्न करना पड़ेगा। भविष्य के लिए यह व्यक्ति आपके लिए “रीढ़ की हड्डी” साबित होगा। अब आप समझ गए होंगे मैं क्या कहना चाह रहा हू।आपको कार्यस्थल पर या घर में मान सम्मान मिलेगा। कार्य की अधिकता बढ़ जायेगी। यदि आप छात्र है और नौकरी के लिए परीक्षा दे रहे है तो आपको प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलेगी

मिथुन राशि पर प्रभाव आपकी कुण्डली में गुरु जब नवम भाव से गोचर कर रहा है (When Jupiter transit in ninth house ) तब आप अपने भविष्य के प्रति सचेत हो जाएंगे। भविष्य की योजनाएं बनाना शुरू कर देंगे। इस समय आप शारीरिक तथा मानसिक रूप से स्वस्थ अनुभव करेंगे। इस समय लम्बित काम शीघ्र ही पूरा हो जाएगा। सामाजिक एवं कल्याणकारी कार्यो में आप बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।

गुरु गोचर ( Jupiter Transit ) में जब नवम भाव में हो तब आप लम्बी यात्रा पर जा सकते है। पूजा पाठ एवं धार्मिक कार्यों में आपकी रूचि बढ़ जाएगी। कार्यक्षेत्र में नीत नवीन योजनाएं बनने लगेगी। इससे आपको भविष्य मे लाभ की भी प्राप्ति होगी। इस गोचर में पदोन्नति ( Promotion ) हो सकती है अथवा विशेष जिम्मेवारियां भी मिल सकती हैं।

सामाजिक मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आर्थिक दृष्टि वृहस्पति का गोचर फायदेमंद रहेगा। धन की कमी नहीं महशुश करेंगे। दाम्पत्य जीवन सुखमय रहेगा। यदि संतान की इच्छा रखते है तो आपको संतान लाभ की प्राप्ति होगी।

सिंह राशि पर प्रभाव आपकी जन्मकुंडली सप्तम भाव में गुरु गोचर कर रहा है और विवाह का उम्र हो चूका है तथा आप विवाह के बंधन में बन्धन चाहते है तो तैयार हो जाइये आपका सेहरा बंधने वाला है। दाम्पत्य जीवन के लिए भी बृहस्पति का यह गोचर बढ़िया होता है। दाम्पत्य सुख का आनंद उठाएंगे बशर्ते की वृहस्पति शुभ अवस्था में हो यथा — कर्क, धनु अथव मीन राशि का हो। अत: इस गोचर में आपको संतान सुख की भी प्राप्ति हो सकती है।

सप्तम भाव में गुरु गोचर

सप्तम भाव में गुरु गोचर होने पर सामजिक मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। यदि आप नौकरी में है तो पदोन्नति एवं व्यापार कर रहे है तो कारोबार में सफलता प्राप्त होगी। यदि आप बेरोजगार हैं तो रोजगार की संभावना बनेगी। साझेदारी में कोई काम करने का अवसर मिलेगा और आपको उसका लाभ भी उठाना चाहिए। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगा। धन लाभ के नए नए स्रोत बनेंगे तो। पत्नी के सहयोग से धन लाभ हो सकता है अतः इस समय कोई कार्य प्रारम्भ कर रहे है तो अवश्य ही पत्नी का सहयोग ले।

कन्या राशि पर प्रभाव गोचर में गुरु जब छठे भाव से भ्रमण करता है तब यह गोचर नौकरी के लिए शुभ फल प्रदान करता है। यदि आप छात्र है तो प्रतियोगिता से लाभ मिलेगा। आपको यदा-कदा स्वास्थ्य सम्बन्धी कुछ परेशानी हो सकती है। मानसिक तौर पर भी इस गोचर का मिला जुला प्रभाव रहेगा। आप अपनी परिश्रम तथा जज्बा से व्यापार एवं नौकरी के क्षेत्र में बेहतर स्थिति बना पाएंगे।

यदि आप विदेश जाने के इच्छुक है तो आपको तन मन धन से इसके लिए प्रयत्न शुरू कर देना चाहिए। विदेश यात्रा का लाभ मिल सकता है। शत्रु पक्ष आपके ऊपर हावी नहीं होंगे। आर्थिक लाभ की स्थिति बानी रहेगी। आय में वृद्धि होगी परन्तु खर्च में कमी नहीं होगी। अतः आय और व्यय का सामंजस्य बना कर रखने में ही बुद्धिमानी होगी। आपकी पत्नी की हाथ से शुभ कार्य में व्यय होगा।

तुला राशि पर प्रभाव गोचर में पुत्र, वाहन, सुख, घर, स्त्री, ब्रांडेड वस्त्र, आभूषण इत्यादि की प्राप्ति करवाता हैं। यदि आपकी जन्मकुण्डली के पंचम भाव में गुरु का गोचर हो रहा है तो आपको संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। इस समय संतान प्राप्ति के प्रबल योग बन रहे है अतः आप अपने घर में नए मेहमान के आगमन के स्वागत की तैयारी कर सकते है।

गुरु गोचर के प्रभाव से ज्ञानार्जन और विभिन्न विषयों यथा — “संगीत, लेखन, ज्योतिष ( Astrology) साहित्य तथा दर्शन शास्त्र”के प्रति आपकी रूचि बढ़ेगी। पंचम भाव गुरु यदि गोचर में है तो आप ज्योतिष की किताबो को लेकर पढ़ना शुरू कर सकते है। ज्योतिष के प्रति धीरे धीरे आपके रूचि बढ़ने लगेगी। लेखन के क्षेत्र में भी आप अपने को जोड़ सकते है।

पंचम भाव प्रेमी प्रेमिका love relation yoga का घर है अतः गुरु गोचर के प्रभाव से आपकी अभिरुचि विपरीत लिंग वाले जातक/जातिका के प्रति बढ़ेगी। आप प्रेमी जीवन का आरम्भ कर सकते है। अपने दिल को सम्भाल कर रखिये आपका कोई दिल चुरा सकता है या आप ही किसी का दिल चुरा लेंगे। धन के मामलों में भी गुरु का गोचर आपके लिए लाभदायक रहेगा।

राजकीय क्षेत्र एवं सरकारी अधिकारियों से आपको अनुकूल सहयोग की प्राप्ति होगी। यदि कोई काम रुका पड़ा है तो आपका काम बन सकता है। नौकरी एवं व्यवसाय के क्षेत्र में उन्नति के लिए बहुत ही अच्छा समय है। यदि शेयर का कार्य कर रहे है तो आपको लाभ होगा। शेयर का काम भी आप आरम्भ कर सकते है।

वृश्चिक राशि पर प्रभाव आपकी जन्मकुण्डली के चतुर्थ भाव में गुरु ( Jupiter ) का गोचर हो रहा है तो कर्म क्षेत्र के लिए बहुत अच्छा रहेगा। व्यापार एवं रोजगार के क्षेत्र में अनुकूलता एवं लाभप्रद स्थिति बनी रहेगी। आर्थिक रूप से समृद्धि होगी। आपका भाग्य उत्तम रहेगा। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा। परिवार के सभी लोग सुख शांति से जीवन गुजारेंगे। सबका मन प्रसन्न रहेगा। सुख समृद्धि के आगमन से मन सकारात्मक विचारों से युक्त रहेगा। आप मानसिक रूप से संतुष्ट रहेंगे।

यदि आप वाहन लेना चाहते है तो आप ले सकते है। भूमि और मकान लेने का मन बना रहे है तो अवश्य ही आपको भूमि और मकान होगा। ससुराल पक्ष से धन लाभ मिल सकता है। रोग एवं बीमारी की संभावना से अभी आप मुक्त रहेंगे। यदि आपकी कोई योजना लम्बित है तो निश्चय ही उसमे सफलता मिलेगी।

धनु राशि पर प्रभाव गुरु का गोचर स्वास्थ्य के दृष्टि से ठीक होता है। इस समय आपको अध्ययन कार्य के प्रति रूचि बढ़ेगी। आप साहित्य और दर्शन का पाठ कर सकते है। आपके कार्य व्यवहार से आपके विशाल हृदय का बोध होगा। आपके विचार नेक एवं श्रेष्ठ होंगे। कल्याणकारी व्यवहार के कारण आपको मान सम्मान एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी।

आपको यात्रा करने का भरपूर मौक़ा मिलेगा। यात्रा से लाभ की प्राप्ति होगी। यात्रा में आपका भविष्य भी छुपा रहेगा। इस समय आपके पुराने मित्रो का सहयोग प्राप्त होगा। इस समय आपको नये नये लोगों से मिलने का भी मौका मिलेगा और लाभप्रद मैत्री सम्बन्ध भी बनेंगे। यदि आप शादी Marriage के बंधन में बंधना चाहते है तो निश्चय ही आपके लिए अनुकूल समय है

मकर राशि पर प्रभाव द्वितीय भाव को धन भाव भी कहा जाता है। गुरु धन कारक ग्रह है। “कारकोभाव नाशाय” के सिद्धांतानुसार लग्न कुंडली दूसरे भाव में धन की हानि करता है। परन्तु गोचरवश गुरू के दूसरे भाव में होने पर धन की हानि नहीं होती बल्कि धन लाभ होता है। हाँ आमदनी के साथ साथ व्यय भी बढ़ेगा। गुरु इस स्थान से दशम स्थान को देख रहा है। अतः आपके रुके हुए कार्य भी शीघ्र ही पूरा होगा।

गुरु गोचर

कार्य को बढ़ाने के लिए हो सकता है की आपको ऋण ( Loan ) भी लेना पड़े। यदि आप नौकरी की तलाश में है तो अवश्य ही आपको नौकरी मिलेगी। इस समय धन तो आयेगा परन्तु खर्च भी बढ़ जाएगा। ज्यादा व्यय के कारण मानसिक परेशानी भी आ सकत( है। व्यक्तिगत रूप से आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा।

आपसे लोग प्रभावित होंगे। आपके विचारों को सुनेंगे ध्यान देंगे। समाज में मान प्रतिष्ठा की वृद्धि होगी। बृहस्पति के इस भाव में गोचर करने पर संतान सुख प्राप्त होता है। पारिवारिक मामलों में अनुकूलता रहेगी। ज़मीन या मकान से सम्बंधित इच्छा की पूर्ति होगी।

कुम्भ राशि पर प्रभाव बृहस्पति के गोचर में प्रथम भाव में होने पर परिवार में किसी के साथ मतभेद या विवाद होने की भी संभावना रहती है खासकर गुरु यदि गोचर में मकर राशि का हो। आप अपने सभी कार्यो का सम्बन्ध भविष्य से जोड़ कर करने का प्रयास करेंगे।

इस भाव में गुरु के गोचर से आप शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहेंगे। गुरु आपको अपने कार्य में सफलता और कामयाबी दिलाएगा। आर्थिक रूप से वृहस्पति का गोचर काफी फायदेमंद रहेगा। इस समय आय के नये- नये स्रोत अपने आप बनने लगेंगे। कोई न कोई नया काम प्रारम्भ होगा तथा वह कार्य भविष्य के लिए फायदेमंद होगा।

इस समय समाज में आपको मान सम्मान, प्रतिष्ठा और कार्य क्षेत्र में उत्तरदायित्व एवं पदोन्नति ( Promotion) मिलेगी। यदि वृहस्पति गोचर में है तो आप धर्मिक तथा सामाजिक कामों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेंगे। इस समय कार्य की अधिकता होगी।

आपमें अपने कार्यो के प्रति सकारात्मक विचार का प्रादुर्भाव होगा। आप अपने सभी कार्य पूर्ण विशवास और निष्ठां के साथ करेंगे। आप के अंदर कुछ कर गुजारने की इच्छा बढ़ जायेगी। धन का आगमन लगातार बना रहेगा इस कारण आपके अंदर आलस्य भाग जाएगा।

मीन राशि पर प्रभाव गुरु ( Jupiter transit ) बारहवें भाव में आता है तब किसी मांगलिक अथवा धार्मिक कार्यो में अवश्य ही खर्च होता है। आप कभी-कभी तनाव और बेचैनी में काम करेंगे और महशुस भी कर सकते हैं। आवासीय मकान खरीदने के लिए अथवा मकान के साज-सज्जा के लिए लोन /ऋण भी लेना पड़ सकता है। आप वाहन का क्रय-विक्रय भी कर सकते है।

परिवार का वातावरण सामान्य बना रहेगा। घर के सभी सदस्यो में सामंजस्य का भाव बना रहेगा। परन्तु कभी कभी अविश्वास का भी माहौल बन सकता है। आपके मामा के घर को न कोई मांगलिक कार्य होने की प्रबल सम्भावना होगी। पिता के तरफ से आपको आर्थिक सहायता मिल सकता है। माता का स्वास्थ्य ठीक रहेगा।

आपकी शारीरिक एवं मानसिक स्थिति सामान्य रहेगी। आप बीमार भी हो सकते है। पीलिया अथवा लिवर (Liver ) से सम्बन्धित बीमारी ( disease ) हो सकती है। अपने खान-पान पर विषय ध्यान देना जरुरी होगा। इस भाव में गुरु लम्बी यात्रा भी करवा सकता है यह यात्रा धार्मिक हो सकता है।

इस समय, गुरु/बृहस्पति गोचर में किस भाव में है

लग्न वा राशि 20 नवम्बर 2020 से 05 अप्रैल 2021 तक 06 अप्रैल 2021 से 13 सितम्बर 2021 14 सितम्बर 2021 से 19 नवम्बर 2021 20 नवम्बर 2021 से 12 अप्रैल 2022

मेष दशम भाव एकादश भाव दशम भाव एकादश भाव

वृष नवम भाव दशम भाव नवम भाव दशम भाव

मिथुन अष्टम भाव नवम भाव अष्टम भाव नवम भाव

कर्क सप्तम भाव अष्टम भाव सप्तम भाव अष्टम भाव

सिंह षष्ठ भाव सप्तम भाव षष्ठ भाव सप्तम भाव

कन्या पंचम भाव षष्ठ भाव पंचम भाव षष्ठ भाव

तुला चतुर्थ भाव पंचम भाव चतुर्थ भाव पंचम भाव

वृश्चिक तृतीय भाव चतुर्थ भाव तृतीय भाव चतुर्थ भाव

धनु दूसरा भाव तृतीय भाव दूसरा भाव तृतीय भाव

मकर प्रथम भाव दूसरा भाव प्रथम भाव दूसरा भाव

कुम्भ बारहवां भाव प्रथम भाव बारहवां भाव प्रथम भाव

मीन एकादश भाव बारहवां भाव एकादश भाव बारहवां भाव

(यह आलेख हस्‍तरेखातज्ञ पंडित विनोद जी द्वारा लिखा गया है)

Posted By: Navodit Saktawat

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